सरसा शहर के ए ब्लॉक की संतोष इन्सां मरणोंपरांत भी बनीं मानवता की मिसाल

प्रण अनुसार परिजनों ने मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया पार्थिव शरीर

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सरसा (सच कहूँ ब्यूरो)। कहा जाता है कि इंसान अपने अच्छे कर्मों से मृत्यु के बाद भी लोगों के दिलों में जिंदा रहता है। शहर के ए ब्लॉक निवासी 71 वर्षीय संतोष इन्सां पत्नी आड़ूराम इन्सां ने भी ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। उनकी मृत्यु उपरांत परिजनों ने उनकी देहदान कर मानवता की ऐसी मिसाल कायम की, जिसने हर आंख को नम कर दिया। Sirsa News

सोमवार अलसुबह सन्तोष इन्सां सांसारिक यात्रा पूरी कर कुलमालिक के चरणों में सचखंड जा विराजीं, लेकिन जाते-जाते भी वह समाज को सेवा, त्याग और इंसानियत का संदेश दे गईं। स्वजनों ने गुरमुखता का परिचय देते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर अमल करते हुए उनका पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दिया। डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत सरसा ब्लॉक के सहयोग से उनका पार्थिव शरीर उत्तर प्रदेश के इंटीग्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च इंटीग्रल यूनिवर्सिटी कुर्सी रोड, दसौली, लखनऊ को रिसर्च कार्यों के लिए दान किया गया।

देहदान की इस महान सेवा को लेकर क्षेत्रभर में परिवार की सराहना हो रही है। न्यू अनाजमंडी ए ब्लॉक स्थित निवास पर साध-संगत, रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों की मौजूदगी में अरदास का शब्द बोला गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखा गया। आवास से लेकर अनाज मंडी की मुख्य सड़क तक निकाली गई अंतिम विदाई यात्रा में बड़ी संख्या में साध-संगत व सेवादार शामिल हुए। अंतिम यात्रा के दौरान माहौल उस समय भावुक हो उठा जब शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों, परिजनों और रिश्तेदारों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी संतोष इन्सां तेरा नाम रहेगा और शरीरदानी संतोष इन्सां अमर रहे जैसे गगनभेदी नारे लगाए।

बेटियों ने अर्थी को दिया कंधा 

वहीं धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा लगाते हुए नम आंखों से एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया। वहीं डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान शिक्षा को चरितार्थ करते हुए उनकी बेटियां हेमलता इन्सां, डिंपल इन्सां और अनिता इन्सां सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों ने अर्थी को कंधा देकर समाज के सामने एक सशक्त और प्रेरणादायक संदेश प्रस्तुत किया। बेटियों की इस जिम्मेदारी और साहस को देखकर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।

इस दौरान सचखंडवासी के दामाद कर्ण इन्सां व जयचंद इन्सां सहित पारिवारिक सदस्य व साध-संगत भी मौजूद रही। इस अवसर पर ब्लॉक प्रेमी सेवक कस्तूर सोनी इन्सां, ब्लॉक सरसा के जोन नंबर-5 की सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार, कल्याण नगर ब्लॉक की बहनों की प्रेमी सेवक लीना इन्सां, रिश्तेदार व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। जिक्रयोग है कि संतोष इन्सां ने पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज से गुरुमंत्र की अनमोल दात प्राप्त की थी। उनके परिवार में तीन बेटियां हैं। Sirsa News

संतोष इन्सां ने मरणोपरांत भी देहदान जैसा महान कार्य कर मानवता और समाजहित की अनूठी मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी मेडिकल रिसर्च के लिए अपना शरीर समर्पित करना बहुत बड़ा पुण्य कार्य है। संतोष इन्सां का यह प्रेरणादायक कदम समाज को मानव सेवा, त्याग और परोपकार की भावना से जुड़ने की सीख देता है। - अनु मल्होत्रा, वार्ड नंबर 31 की पार्षद 

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