Sirsa Fire News: बिजली की तारों से टकराई पराली की गांठ, ट्राली में लगी भीषण आग
लपटों की चपेट में आई धान की पकी फसल, ट्राली और दोनों टायर जले
डबवाली/गोरीवाला, (सच कहूँ/अनिल)। गांव अलीका में रविवार दोपहर बिजली की तारों के संपर्क में आने से पराली की गांठों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ट्राली में लदी पराली की गांठें धू-धू कर जलने लगीं। इसी दौरान एक जलती हुई गांठ पास के धान के खेत में जा गिरी, जिससे पककर तैयार खड़ी फसल में भी आग लग गई। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते खेत में लगी आग पर काबू पा लिया और बड़ा नुकसान होने से बच गया।
सूचना मिलने पर पहुंची दो दमकल गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद ट्राली में लगी आग पर काबू पाया। हादसे में ट्राली पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके दोनों टायर भी जल गए। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब अढाई बजे गांव अलीका के पीर खाने के पास खेतों से पराली की गांठें ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर गांव की ओर लाई जा रही थीं। रास्ते में बिजली की सप्लाई लाइन के नीचे से गुजरते समय पराली की गांठ तारों के संपर्क में आ गई, जिससे आग लग गई। कुछ ही देर में ट्राली में रखी अन्य गांठों ने भी आग पकड़ ली।
आसपास मौजूद लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण काबू पाना मुश्किल हो गया। घटना की सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई। दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए दूसरी गाड़ी भी बुलानी पड़ी। दोनों दमकल गाड़ियों ने कई घंटे तक मशक्कत कर आग बुझाई। हालांकि, पराली की गांठों से काफी देर तक धुआं निकलता रहा और बीच-बीच में चिंगारियां सुलगती रहीं।
हर साल शॉर्ट सर्किट से फसलों को नुकसान, ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए बताया कि खेतों के बीच से शेरगढ़ की तरफ जाने वाली बिजली लाइन में हर साल शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होती हैं। इससे कभी गेहूं तो कभी धान की फसल आग की चपेट में आकर किसानों को नुकसान पहुंचाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की कि खेतों के बीच से गुजर रही बिजली लाइन की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और जरूरत के अनुसार लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से किसानों की फसल को बचाया जा सके।
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