यूरिया की कालाबाजारी का खुलासा, गोदाम से सैकड़ों कट्टे किये बरामद

सीआईए व कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई, 1326 खाली कट्टे और यूरिया से भरे करीब 900 कट्टे मिले

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हांसी, सच कहूँ/मुकेश। Hansi News: किसानों को खेती के लिए सरकार की ओर से सप्लाई की जाने वाली यूरिया की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। हांसी के नजदीकी गांव रामपुरा में सीआईए टीम ने कृषि विभाग के साथ मिलकर एक गोदाम पर कार्रवाई की। यहां सरकारी यूरिया के मूल पीले कट्टों को खोलकर यूरिया सफेद कट्टों में भरी जा रही थी।

मौके से 1326 खाली कट्टे, यूरिया से भरे करीब 900 कट्टे और एक बड़ा ट्रक मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यूरिया को प्रोसेस करके यमुनानगर की इंडस्ट्रीज में भेजा जा रहा था। सीआईए इंचार्ज उपनिरीक्षक कपिल कुमार ने बताया कि टीम को गोदाम में यूरिया की अवैध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम ने रात को छापेमारी की। मौके पर एक बड़ा ट्रक खड़ा मिला और गांव सीसर निवासी सोनू को काबू किया गया। गोदाम की जांच करने पर वहां बड़ी संख्या में यूरिया के कट्टे मिले। इसके बाद सीआईए टीम ने गोदाम को अपने कब्जे में लेकर वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी, ताकि मौके से सामान हटाया न जा सके।

कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर की जांच

सीआईए टीम ने सोमवार को कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर मौके पर बुलाया। इसके बाद कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. रवींद्र कुमार और गौरव कुमार की टीम ने गोदाम में पहुंचकर जांच की। अधिकारियों के अनुसार, मौके पर 1326 खाली कट्टे, यूरिया से भरे करीब 700 सफेद कट्टे और लगभग सवा 200 अन्य भरे हुए कट्टे मिले। इस तरह मौके से यूरिया के करीब 900 भरे कट्टे बरामद हुए। जांच के दौरान सामने आया कि किसानों के लिए सप्लाई होने वाली यूरिया को उसके मूल पीले कट्टों से निकालकर सफेद कट्टों में भरा जा रहा था। इसके बाद इसे यमुनानगर की इंडस्ट्रीज में भेजे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, यूरिया को किस उद्देश्य से प्रोसेस किया जा रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सीसर के सोनू व प्रदीप कापड़ो के नाम सामने आए

कृषि विभाग के एसडीओ ने प्रारंभिक जानकारी के आधार पर बताया कि गोदाम गांव सीसर निवासी सोनू और प्रदीप कापड़ो का बताया जा रहा है। विभाग की ओर से मामले में शिकायत दर्ज करवाकर कानूनी कार्रवाई शुरू करवाई जाएगी। बरामद कट्टों और अन्य सामान को पुलिस अपने कब्जे में लेकर जांच करेगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि यूरिया कहां से लाई गई थी, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस गतिविधि में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।

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