प्रदेश सरकार अड़ियल रवैया छोड़ फायर व सफाई कर्मचारियों की मांगो का हल निकाले: सीटू
फायर और सफाई कर्मियों की जंग तेज, 10 मई तक बढ़ी हड़ताल
नारायणगढ़ (सचकहूँ/सुरजीत कुराली)। Naraingarh News: अग्निश्मन विभाग कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुदेश कुमार व नगरपालिका कर्मचारी संघ इकाई प्रधान सागर ने कहा कि फायर कर्मियों की हड़ताल पिछले 28 दिन से व सफाई कर्मियों की 5 दिन से जारी है। इस दौरान प्रदेश में कई जगह आगजनी की घटनाओ में जान व माल का काफ़ी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही शहरों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। हफ्ते भर से घरों से कूड़ा उठाने का काम भी बंद पड़ा है। परन्तु सत्ता के नशे में चूर सरकार आँख व कान बंद करके बैठी हुई है। उसे जनता व कर्मचारियों की कोई परवाह नहीं है।
कर्मचारी नेता गगनदीप सिंह व धर्मवीर ने कहा कि कर्मचारियों के होंसले बुलंद है। इसलिए सरकार की हठधर्मिता व अनदेखी के चलते फायर कर्मियों ने अपनी हड़ताल को 10 मई तक व सफाई कर्मचारियों ने 7 मई तक बढ़ा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार का यही रुख रहा तो हड़ताल अनिश्चितकालीन में भी बदल सकती है।
कम्युनिटी हाल में स्थित फायर दफ्तर पर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए सीटू राज्य सचिव सतीश सेठी ने कहा कि सरकार फायर व सफाई कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उनकी मांगे बिल्कुल जायज है।लोकतंत्र में सरकार को आंदोलनकारियों से बात कर मांग मुद्दों का हल निकालना चाहिए। परन्तु ऐसा करने की बजाए सरकार आंदोलन को कमजोर करने के तरीके अपना रही है। लोकतंत्र में यह कतई उचित नहीं है।
इसलिए फौरन मांगो का हल निकाला जाए वरना सीटू से संबद्ध ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन भी आंदोलन में शामिल होने की तैयारी कर रही है। यही नहीं सर्व कर्मचारी संघ से संबद्ध हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने तो 4 मई को प्रदेश भर में दो घंटे के प्रदर्शन कर महाप्रबंधको को ज्ञापन देकर दो टूक कह दिया है कि यदि रोडवेज से फायर ब्रिगेड की गड़ियाँ चलाने के लिए भेजे गए ड्राइवर्स को जल्द वापिस नहीं बुलाया तो रोडवेज कर्मी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेने को मजबूर होंगे। क्योंकि ड्राइवर्स के न होने के कारण कई रूट बंद पड़े है। जिससे यात्रियों को काफ़ी दिक्क़ते उठानी पड़ रही है।
गोरतलब है कि फायर व सफाई कर्मी गत फरवरी महीने में फ़रीदाबाद स्थित स्टील फैक्ट्री में लगी आग को बुझाते हुए मारे गए दो फायरमैन को शहीद का दर्जा देने, पीड़ित परिवारो को एक-एक करोड़ की आर्थिक मदद व आश्रित को पक्की नौकरी देने, ठेका प्रथा खत्म कर विभाग व पालिका में पे-रोल, ठेका व कौशल के सभी फायर व सफाई कर्मियों की सेवाएं नियमित करने, मुख्यमंत्री की घोषणा मुताबिक शहरी सफाई कर्मियों का वेतन 27 हज़ार रू करने इत्यादि मांगो को लेकर हड़ताल पर है।