Electricity Workers Strike: भिवानी में दूसरे दिन भी जारी रही बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल
विभिन्न सामाजिक संगठनों, किसाान यूनियन, छात्र संगठनों, मजदूर संघों व महिलाओं ने किया समर्थन
भिवानी, सच कहूँ/इंद्रवेश। Electricity Workers Strike: हरियाणा में बिजली निगमों की नीतियों और निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन अब और अधिक आक्रामक होता जा रहा है। कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को भिवानी सहित राज्यभर के लगभग 20 स्थानों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और हड़तालें देखने को मिली। इस आंदोलन को केवल बिजली कर्मचारियों का ही समर्थन प्राप्त नहीं है, बल्कि विभिन्न जिलों में दर्जनों सामाजिक संगठनों, किसान यूनियनों, छात्र संगठनों, मजदूर संघों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी खुलकर सामने आ रही है। कर्मचारी नेता नारायण प्रकाश, अशोक गोयत, कपूर सिंह, मनोज बल्लू बामला व कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि उनका मुख्य विरोध इस बात को लेकर है कि सरकार द्वारा बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।
उनका आरोप है कि एक करोड़ रुपये से भी कम की पूंजी वाली कंपनी को सैकड़ों करोड़ रुपये का बिजली निगम सौंपा जा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है। इस प्रकार की नीतियों से न केवल आम उपभोक्ताओं और किसानों पर भारी-भरकम बिजली बिलों का आर्थिक बोझ बढ़ेगा, बल्कि बिजली का निजीकरण होने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सीमित हो जाएंगे। आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि अधिकारी कर्मचारियों और उनके अधिकारियों के साथ जबरदस्ती करने से बाज आएं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि सरकार ने इन जनविरोधी और समानांतर लाइसेंसिंग नीतियों को तुरंत प्रभाव से रद्द नहीं किया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक और उग्र रूप धारण कर लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।