महंगा पड़ा हाइकोर्ट के आदेश का उल्लंघन

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फतेहाबाद (सच कहूँ/विनोद शर्मा)। हाईकोर्ट के सख्त आदेश (High Court order) व प्रदेश सरकार द्वारा एस्मा लगाए जाने के बावजूद हड़ताल पर बैठना रोडवेज कर्मियों को महंगा पड़ गया। फतेहाबाद व अम्बाला में कई रोडवेज कर्मियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार बीती रात से बस स्टैंड के गेट बंद करके हड़ताल पर बैठ गए। रोडवेज कर्मचारियों की चेतावनी थी कि किसी भी सूरत में वे चक्का जाम करके ही रहेंगे। मगर हाईकोर्ट के आदेशों के बाद प्रशासन ने भी सख्त रवैया अपनाते हुए बसों का संचालन करवाया।

प्रशासन ने रोडवेज का चक्का जाम विफल कर दिया। विरोध करने वाले कर्मचारियों के साथ पुलिस बल की जमकर खींचतान हुई। बसों के संचालन में रुकावट डालने वाले कर्मचारियों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें घसीट-घसीट कर पुलिस की बसों में भरा और हिरासत में लेकर पुलिस लाईन भिजवा दिया।

पुलिस ने करीब 40 कर्मचारियों को हिरासत में लेकर उन पर धारा 186, 188, 341, 353 आईपीसी व एस्मा एक्ट 1981 की धारा 5, 6 के तहत मामला दर्ज किया है। कर्मचारियों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें हिसार जेल भेज दिया गया।

प्रशासन के सख्ती के चलते बसों का संचालन सुबह से ही शुरु हो गया। पुलिस द्वारा बल का प्रयोग करने के दौरान कई कर्मचारियों को चोटें भी लगी है। एक कर्मचारी की आंख पर तो के हाथ पर काफी चोटें आई है।

रोडवेज कर्मचारियों ने 700 निजी बसें रोडवेज में लेने के निर्णय के विरोध में चक्का जाम का आह्वान किया हुआ था। मगर सरकार ने कुछ दिन पूर्व हड़ताल पर एस्मा लगा दिया था।

इसके बाद बीते दिन हाईकोर्ट ने भी सख्त निर्देश दिए किए एस्मा के बावजूद हड़ताल करने वालों के खिलाफ सरकार एक्शन लें, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।

इसके बाद प्रशासन द्वारा डयूटी मजिस्ट्रेट तैनात कर धारा 144 लागू कर दी थी और बस स्टैंडों पर पुलिस फोर्स तैनात कर थी ताकि सुरक्षा व्यवस्था के अंदर ही बसों का संचालन करवाया जाए।

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