Bathinda: 40 डिग्री से. के नजदीक पहुंचा बठिंडा का तापमान, एक की मौत

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गर्मी के कारण सब्जियां व हरा चारा भी होने लगा प्रभावित

बठिंडा (सच कहूँ/सुखजीत मान)। Bathinda Temperature: बैसाख के महीने में आषाढ़ महीने जैसा तापमान होने लगा है। पिछले कुछ दिनों दौरान बादल छाने व कई जगहों पर बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब फिर एकदम तापमान बढ़ने लगा है। बेसहारा व बेघर लोगों के लिए बढ़ रही गर्मी घातक साबित हो रही है। गर्मी के कारण बठिंडा में मंगलवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक बठिंडा का ही रहने वाला था। जानकारी के अनुसार मंगलवार को बठिंडा व इसके साथ लगते क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री दर्ज किया गया। Bathinda News

आम तौर पर ऐसा तापमान आषाढ़ के महीने में होता है, लेकिन अब गर्मी की शुरूआत में ही इस गर्मी ने बता दिया है कि अभी गर्मी इससे भी अधिक पड़ेगी। इस गर्मी की मार न झेलते मंगलवार को बठिंडा में एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया, जिसकी पहचान पवन कुमार (90) पुत्र बालमुकन्द, निवासी सुरखपीर के तौर पर हुई है। मृतक व्यक्ति के शव को समाजसेवी संस्था सहारा जन सेवा की टीम ने पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। स्कूलों में जब दोपहर बाद दो बजे छुट्टी होती है तो छोटे-छोटे बच्चों के चेहरे गर्मी के कारण मुर्झाए दिखाई देते हैं।

राजेन्द्रा कॉलेज के नजदीक गर्मी से बचाव के लिए पीने के लिए रखे पानी में नहाते कबूतर। तस्वीर: सुखजीत मान

गर्मी के कारण सब्जियां व हरा चारा भी प्रभावित होने लगा है। दोपहर के समय तो शहर में कर्फ्यू जैसे हालात बनने लगे हैं। मजबूरीवश कुछेक लोग ही बाहर निकलते दिखाई देने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि बठिंडा में 12 तारीख को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री, 13 को 37.5 डिग्री, 14 को 38 डिग्री तक रहा और आज 39.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग द्वारा जारी किए जाते यह आंकड़े दर्शा रहे हैं कि तापमान में रोजाना विस्तार हो रहा है। Bathinda News

गर्मी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी: स्वास्थ्य अधिकारी

जिला स्वास्थ्य अधिकारी बठिंडा डॉ. ऊषा गोयल ने बताया कि अगर किसी मैदानी क्षेत्र का तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक तक पहुंच जाता है तो इस स्थिति को गर्मी की लहर कहा जाता है। यह उच्च तापमान शरीर के तापमान नियंत्रण प्रणाली को बिगाड़ता है और गर्मी से संबंधित बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने गर्मी से बचाव संबंधी बताया कि घर से बाहर के काम दिन के ठंडे समय जिसमें सुबह व शाम में किए जाने चाहिए। प्यास न लगने पर भी हर आंधे घंटे बाद पानी पीएं। बाहर काम करते समय हलके रंग के पूरी बाजू वाले कपड़े पहने। धूप में निकलते समय हमेशा पानी साथ रखें।

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