शिक्षा और रोजगार
धान की सीधी बिजाई के प्रति जागरूक कर रहा विभाग
कृषि विभाग ड्रिलें और पैडी प्लांटर सब्सिडी पर मुहैया करवा रहा
फरीदकोट (सच कहूँ न्यूज)। किसानों को धान की लगवाई संबंधित पेश आ रही मुश्किलें के हल और मुख्यमंत्री की तरफ से, पूरे सूबे को कोरोना संकट में से निकालने के लिए शुरू की गई मिशन फतह मुहिम के अंतर्गत कृषि और किसान भलाई विभाग फरीदकोट की तरफ से किसानों को धान की सीधी बिजाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभाग की तरफ से किसानों को मिशन फतह के अंतर्गत करोना महामारी से बचने की सावधानियों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
सीधी बिजवाई के लिए पीआर 126 किस्म की सिफारिश की गई
जिला मुख्य कृषि अफसर डॉ. हरनेक सिंह ने बताया कि मजदूरों की समस्या के हल के लिए धान की सीधी बिजाई प्रति किसानों को आकर्षित करने के लिए ड्रिलें और पैडी प्लांटर सब्सिडी पर मुहैया करवाए जा रहे हैं। किसानों को नुक्कड़ बैठकों, वाट्सएप ग्रुपों और ओर सोशल मीडिया प्लेटफार्म के द्वारा धान की सीधी बिजाई के प्रति आकर्षित किया जा रहा है। सीधी बिजवाई के लिए पीआर 126 किस्म की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को धान की सीधी बिजाई स्तरीय जमीन में ही करनी चाहिए।
बिजाई से पहले बीज को 8 से 12 घंटे पानी में भिगो कर रखने के बाद छांव में सुखा कर दवा के साथ सुधारने के बाद बिजाई करनी चाहिए। बिजाई के 24 घंटों के अंदर घास पातों की समस्या के हल के लिए स्टोंप दवा एक लीटर प्रति एकड़ छिड़काव करना जरूरी है। जिले में 7 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की सीधी बिजाई हो चुकी है। एक हफ्ते में और 2 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल से अधिक बिजाई होने की संभावना है।
कारगर साबित हो रही सीधी बिजाई: अधिकारी
जिला मुख्य कृषि अफसर डा. हरनेक सिंह रोडे ने बताया कि जमीन के निचले पानी के घटते स्तर और कोरोना वायरस के चलते धान की लगवाई के लिए मजदूरों की कमी के कारण धान की सीधी बिजाई किसानों के लिए कारगर और लाभपरक साबित हो रही है। सीधी बिजाई के साथ झाड़ भी बढ़िया रहता है। उन किसानों से अपील की कि वह सीधी बिजवाई (डीएसआर) की विधि को जरूर अपनाने और इस संबंधित तकनीकी नुक्तों संबंधित जानकारी के लिए कृषि विभाग के माहिरों के साथ संपर्क करें।
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