दुनिया के सबसे वृद्ध मैराथन धावक फौजा सिंह पंचतत्व में हुए विलीन

Published On

अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

  • सरकार फौजा सिंह की स्मृति में स्कूल का नाम उनके नाम पर रखेगी: सीएम

ब्यास/जालंधर (सच कहूँ न्यूज)। Beas News: विश्व प्रसिद्ध 114 वर्षीय मैराथन धावक फौजा सिंह का रविवार को उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सहित हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री ने फौजा सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि 14 जुलाई को सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से फौजा सिंह की मृत्यु हो गई थी। इस हादसे ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे खेल जगत और उनके प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया। Beas News

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फौजा सिंह के खेल जगत में दिए गए बहुमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि 114 वर्ष की आयु में फौजा सिंह दुनिया के सबसे वृद्ध मैराथन धावक थे, जिन्होंने अपने संकल्प और धैर्य से पूरी दुनिया में मिसाल कायम की। मान ने कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और दृढ़ता हमेशा युवाओं को प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि फौजा सिंह ने अपनी उम्र को पीछे छोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिसके लिए खेल जगत हमेशा उनका ऋणी रहेगा।

मान ने घोषणा की कि राज्य सरकार फौजा सिंह की स्मृति में उनके गांव के स्कूल का नाम उनके नाम पर रखेगी। इसके अतिरिक्त, गांव के स्टेडियम और जालंधर के स्पोर्ट्स कॉलेज में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वह शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दे और दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। Beas News

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। फौजा सिंह की मृत्यु से उत्पन्न खालीपन को भरना निकट भविष्य में कठिन होगा, लेकिन उनकी प्रेरणादायी कहानी हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।

यह भी पढ़ें:– Library: पंजाब निवासियों को नया पुस्तकालय समर्पित

About The Author

Related Posts