Local Body Elections: भाजपा-कांग्रेस का 'गुप्त टिकट फॉर्मूला', सूची नहीं होगी जारी
नामांकन से पहले आखिरी पल तक प्रत्याशियों के नाम पर सस्पेंस, दावेदारों की धड़कनें तेज
हनुमानगढ़। निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने इस बार नया फॉर्मूला अपनाया है। दोनों ही प्रमुख दल सार्वजनिक रूप से प्रत्याशियों की सूची जारी करने के बजाय सीधे अधिकृत प्रत्याशियों को पार्टी सिंबल सौंपेंगे। ऐसे में टिकट के दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं और आखिरी वक्त तक प्रत्याशियों के नाम को लेकर सस्पेंस बना रहेगा। Local Body Elections
भाजपा की ओर से प्रत्याशियों के चयन को लेकर रायशुमारी पूरी हो चुकी है। निकाय प्रभारियों को प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर वाले पार्टी सिंबल भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगेगी। फाइनल नाम जिलाध्यक्ष और संबंधित विधायक या विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी को ई-मेल के माध्यम से भेजे जाएंगे। इसके बाद जिलाध्यक्ष और विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी संबंधित पार्टी दावेदार को अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना देंगे।
प्रत्याशी को जिला भाजपा कार्यालय बुलाकर पार्टी का चुनाव चिह्न सौंपा जाएगा। भाजपा इस बार सार्वजनिक रूप से प्रत्याशियों की सूची जारी करने के बजाय गोपनीय तरीके से टिकट वितरण करेगी। पार्टी के इस नए फॉर्मूले से टिकट के दावेदारों में आखिरी समय तक असमंजस बना हुआ है। हालांकि, चर्चा है कि भाजपा में जिन प्रत्याशियों के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं, उन्हें अंदरखाते इसकी जानकारी दे दी गई है। ऐसे दावेदार अब प्रचार में भी तेजी से जुट गए हैं। Local Body Elections
कांग्रेस ने भी बदली रणनीति, सूची के बजाय सीधे सिंबल
कांग्रेस ने भी टिकट वितरण की रणनीति में बदलाव किया है। कांग्रेस मुख्यालय से प्रत्याशियों की सूची जारी करने के बजाय सीधे संबंधित जिलों को पार्टी सिंबल भेजे जाएंगे। जिलाध्यक्ष और विधानसभा ऑब्जर्वर अधिकृत प्रत्याशियों को सिंबल सौंपेंगे। पार्टी के इस कदम के पीछे टिकट वितरण के बाद होने वाली संभावित बगावत को रोकने की रणनीति मानी जा रही है। टिकट मिलने तक दावेदारों के बीच सस्पेंस कायम रहेगा, जबकि टिकट से वंचित दावेदारों को तत्काल बगावत का मौका कम मिलेगा। कांग्रेस में टिकट के लिए जिस वार्ड का निवासी है, उसी वार्ड से दावेदारी के फार्मूले पर जोर दिया जा रहा है। जिला स्तर पर टिकट वितरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्टी प्रत्याशी तुरंत चुनाव प्रचार में जुटेंगे।
31 अगस्त तक नामांकन, आखिरी दो दिन बढ़ाएंगे सियासी पारा
निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। 30 अगस्त को रविवार का अवकाश है। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के नए टिकट फॉर्मूले के कारण नामांकन के अंतिम दौर में सियासी हलचल और तेज होने की संभावना है। प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक सूची के जरिए सामने नहीं आने से कौन टिकट की बाजी मारेगा और किसका पत्ता कटेगा, इसे लेकर आखिरी वक्त तक असमंजस बना रहेगा। नामांकन के साथ ही तस्वीर साफ होगी और इसके बाद चुनावी मैदान में प्रचार अभियान पूरी तरह जोर पकड़ लेगा। Local Body Elections