Haryana: खुशखबरी, हरियाणा सरकार इन 12 हजार गेस्ट टीचरों को करेगी पक्का, जानिये
Haryana: खुशखबरी, हरियाणा सरकार इन 12 हजार गेस्ट टीचरों को करेगी पक्का, जानिये
Haryana: चंडीगढ़, (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पिछले 20 से 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे करीब 12 हजार अतिथि अध्यापकों के नियमित होने की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हुई है। लंबे समय से स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे गेस्ट टीचरों के मामले में अब सरकार ने कार्रवाई शुरू करने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने शिक्षा विभाग को अदालती आदेशों के अनुरूप जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार पहले ही कॉलेजों में कार्यरत करीब 5 हजार गेस्ट लेक्चरर्स को नियमित कर चुकी है। इसके बाद सरकारी स्कूलों में लंबे समय से कार्यरत गेस्ट टीचरों ने भी नियमितीकरण की मांग तेज कर दी है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि वे वर्षों से पूरी जिम्मेदारी के साथ सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया आदेशों ने नई उम्मीद जगाई है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सरकार को दो महीने के भीतर गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 6 अगस्त 2026 को डबल बेंच में हुई सुनवाई के दौरान भी दो महीने के भीतर नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के आदेश को बरकरार रखा गया।
शिक्षा विभाग से मांगी गई पूरी रूपरेखा
मामले की गंभीरता और हाईकोर्ट के आदेशों को देखते हुए राजेश खुल्लर ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को पत्र पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गेस्ट टीचरों को नियमित करने की पूरी रूपरेखा तैयार कर विस्तृत रिपोर्ट जल्द सरकार को सौंपने को कहा है। इससे शिक्षकों को उम्मीद है कि नियमितीकरण की प्रक्रिया अब आगे बढ़ सकती है।
आधा दर्जन से अधिक संगठन एक मंच पर आए
अदालती आदेशों को लागू करवाने के लिए प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक गेस्ट टीचर संगठन एकजुट हुए हैं। सभी संगठनों ने मिलकर ‘हरियाणा गेस्ट टीचर्स संघर्ष समिति’ का गठन किया है। समिति में मैना यादव, कुलदीप झरोली, डॉ. अजय लोहान, कृष्ण धारसूल, राजेंद्र शास्त्री, पारस शर्मा और नरेंद्र संधू शामिल हैं। संघर्ष समिति के प्रतिनिधि डॉ. अजय लोहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने बताया कि वे सरकार की ओर से 16 जून 2014 और 18 जून 2014 को बनाई गई नीति की सभी निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं। इसके बावजूद दो दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया गया है। कई शिक्षक अब सेवानिवृत्ति की उम्र के करीब पहुंच चुके हैं।
शिक्षा मंत्री ने भी दिया बैठक का भरोसा
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने भी गेस्ट टीचरों की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने उनकी मांगें सुनीं और आश्वासन दिया कि जल्द ही शिक्षक प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ विशेष बैठक कराने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू ने भी प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांग पर गंभीरता और सहानुभूति के साथ विचार कर रही है।