Space News: भारतीय मूल के इस अंतरिक्ष यात्री की प्रशंसा में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहे ये शब्द

अंतरिक्ष में तैनात अनिल मेनन महान अमेरिकी और बहादुर देशभक्त

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वाशिंगटन (एजेंसी)। भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन इन दिनों अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपने मिशन में व्यस्त हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेनन और उनके दो साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साहस और समर्पण की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। ट्रंप ने तीनों को ‘‘महान अमेरिकी, महान देशभक्त और बहादुर लोग’’ बताते हुए उनके काम की प्रशंसा की। Space News

राष्ट्रपति ट्रंप ने ह्यूस्टन स्थित नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर से अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद दल से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अनिल मेनन, जेसिका मीर और जैक हैथवे का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरिक्ष मिशन के लिए उनका चयन अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

ट्रंप ने पृथ्वी पर लौटने के बाद दिया न्योता

बातचीत के दौरान ट्रंप ने अंतरिक्ष यात्रियों को मिशन पूरा करने के बाद ओवल ऑफिस आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर वापसी के बाद वह तीनों से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहेंगे। राष्ट्रपति ने अंतरिक्ष यात्रियों के कठिन प्रशिक्षण और जोखिम भरे मिशन में उनकी भूमिका की सराहना करते हुए उनके योगदान को अमेरिका के लिए गौरव का विषय बताया। Space News

अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल के पद पर कार्यरत अनिल मेनन ने ट्रंप से बातचीत के दौरान अंतरिक्ष में सेवा करने को लेकर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने हाल में किए गए अपने स्पेसवॉक का अनुभव भी साझा किया। मेनन ने बताया कि स्पेसवॉक के दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की संरचना को करीब से देखने और रोबोटिक आर्म के माध्यम से स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण करने का अवसर मिला। उन्होंने इसे बेहद महत्वपूर्ण अनुभव बताया।

चंद्रमा और मंगल मिशन की तैयारी पर जोर

मेनन ने कहा कि अमेरिका पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे की अंतरिक्ष यात्राओं की तैयारी कर रहा है। उन्होंने भविष्य के अभियानों में चंद्रमा, चंद्र आधार और मंगल ग्रह तक पहुंचने की दिशा में हो रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान मिशन और अंतरिक्ष स्टेशन पर चल रहे प्रयोग भविष्य में होने वाले गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए आधार तैयार करने में मदद करेंगे। Space News

अंतरिक्ष यात्रियों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रस्तावित अमेरिकी अंतरिक्ष अकादमी की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान को अमेरिका की प्रमुख सैन्य अकादमियों की तर्ज पर प्रतिष्ठित दर्जा देने की योजना है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिकी स्पेस फोर्स की स्थापना को भी अपनी उपलब्धियों में गिनाया। उनका कहना था कि आधुनिक सैन्य अभियानों में अंतरिक्ष आधारित निगरानी और खुफिया क्षमताओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इस विशेष बातचीत के दौरान अनिल मेनन की पत्नी एना मेनन भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद दल के प्रति समर्थन और स्नेह व्यक्त किया तथा अंतरिक्ष यात्रियों के काम की सराहना की।

भारत और यूक्रेन से जुड़ी है मेनन की पारिवारिक पृष्ठभूमि

अनिल मेनन का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के मिनियापोलिस में हुआ। उनके माता-पिता भारत और यूक्रेन से अमेरिका जाकर बसे थे। नासा ने वर्ष 2021 में उन्हें अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवारों के दल में शामिल किया था। अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले मेनन चिकित्सा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह स्पेसएक्स के पहले फ्लाइट सर्जन रहे और नासा के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़े मिशनों में क्रू फ्लाइट सर्जन के रूप में भी काम कर चुके हैं।

मेनन ने 14 जुलाई को कॉस्मोनॉट प्योत्र डुब्रोव और एना किकिना के साथ रूस के सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी थी। नासा के अनुसार, तीन सदस्यीय दल करीब आठ महीने तक कक्षीय प्रयोगशाला में रहकर वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी गतिविधियों को अंजाम देगा। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार दल के अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटने की उम्मीद है। इस दौरान अंतरिक्ष स्टेशन पर किए जाने वाले प्रयोग भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए उपयोगी आंकड़े और तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। Space News

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