हाईकोर्ट जज के फैसले में स्वत: संज्ञान लेने की मांग

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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने सौंपा ज्ञापन

हनुमानगढ़। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने इलाहाबाद (प्रयागराज) हाईकोर्ट के न्यायाधीश राममनोहर मिश्र के फैसले में स्वत: संज्ञान लेने की मांग के संबंध में सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि इलाहाबाद (प्रयागराज) हाईकोर्ट के न्यायाधीश राममनोहर मिश्र ने हाल ही में एक फैसला दिया जिसमें उन्होंने 11 वर्षीय बच्ची के निजी अंग छूना, नाड़ा तोडऩे को दुष्कर्म के प्रयास की श्रेणी में नहीं माना है। Hanumangarh News

न्यायाधीश की ओर से पारित ऐसा फैसला सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व में पोक्सो एक्ट में दिए गए मामलों की खुली अवहेलना है। यह निर्णय आधी आबादी बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, महिला सुरक्षा के साथ कतई न्यायोचित नहीं है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि इलाहाबाद (प्रयागराज) हाईकोर्ट के न्यायाधीश राममनोहर मिश्र की ओर से पारित इस फैसले में स्वत: संज्ञान लिया जाए। इस मौके पर समिति राज्य उपाध्यक्ष चन्द्रकला वर्मा, जिला सचिव सर्वजीत कौर, प्रियंका, कृष्णा देवी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहीं। Hanumangarh News

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