Narendra Modi: ‘सेवा तीर्थ’ से प्रधानमंत्री ने लिए महिलाओं, युवाओं व किसानों के लिए ये बड़े फैसले, जानकर तबीयत खुश हो जाएगी

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Central Government Scheme: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने प्रथम निर्णयों के माध्यम से ‘सेवा भावना’ को शासन की मूल प्रेरणा बताया और विभिन्न जनकल्याणकारी प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए। Narendra Modi

प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर से लिए गए निर्णयों का केंद्रबिंदु महिलाओं, युवाओं, किसानों तथा समाज के वंचित वर्गों का सशक्तिकरण बताया गया है। प्रधानमंत्री ने चार प्रमुख पहलों को स्वीकृति प्रदान की, जिनका व्यापक सामाजिक-आर्थिक प्रभाव होने की संभावना है।

पीएम राहत योजना | Narendra Modi

सरकार ने दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक नई राहत व्यवस्था को मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को 1.5 लाख रुपये तक का नकदरहित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आपातकालीन स्थिति में आर्थिक बाधा के कारण इलाज प्रभावित न हो।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य का विस्तार

महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने की दिशा में सरकार ने ‘लखपति दीदी’ अभियान का लक्ष्य बढ़ाकर वर्ष 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया है। इससे पूर्व निर्धारित लक्ष्य को समय से पहले प्राप्त करने का दावा किया गया है।

कृषि अवसंरचना को प्रोत्साहन

कृषि क्षेत्र की समग्र मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से Agriculture Infrastructure Fund के अंतर्गत व्यय सीमा को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई है। इससे भंडारण, प्रसंस्करण तथा आपूर्ति तंत्र को सशक्त करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

नवाचार को बढ़ावा: स्टार्टअप इंडिया फंड | Narendra Modi

प्रधानमंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ Startup India Fund of Funds 2.0 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य गहन प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण तथा नवाचार आधारित उद्यमों को वित्तीय सहयोग प्रदान करना है, जिससे भारत के नवाचार तंत्र को गति मिले। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच पर संदेश देते हुए कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ नागरिकों की सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और ‘इंडिया फर्स्ट’ की भावना का प्रतीक बनेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को समर्पित सेवा के मार्ग पर प्रेरित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों का प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला उद्यमिता और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक रूप से दिखाई दे सकता है।

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