किसानों की सब्सिडी को लेकर भाकियू का प्रदर्शन, 1,537 में सिर्फ 416 को मिला लाभ; प्रमाण पत्रों की त्रुटियां दूर कर भुगतान का आश्वासन
किसानों की सब्सिडी को लेकर भाकियू का प्रदर्शन, 1537 में सिर्फ 416 किसानों को मिला लाभ, प्रमाण पत्रों की त्रुटियां दूर कर भुगतान का आश्वासन
मीरापुर (सच कहूँ/कोमल प्रजापति)। Mirapur News: थाना मीरापुर क्षेत्र के ग्राम भूम्मा स्थित बहुउद्देश्यीय ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड (बी-पैक्स) पर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (राजनैतिक) के बैनर तले किसानों ने सब्सिडी के भुगतान की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने का नेतृत्व भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष विवेक भाटी ने किया। किसानों ने समिति से जुड़े पात्र किसानों को लंबित तीन प्रतिशत सब्सिडी का भुगतान जल्द कराने की मांग उठाई।
ब्लॉक अध्यक्ष विवेक भाटी ने बताया कि समिति द्वारा किसानों से सात प्रतिशत ब्याज लिया गया था, जिसमें तीन प्रतिशत राशि सब्सिडी के रूप में किसानों को वापस की जानी थी। उनके अनुसार समिति से जुड़े कुल 1537 किसानों को तीन प्रतिशत सब्सिडी मिलनी है, लेकिन अभी तक केवल 416 किसानों के खातों में ही सब्सिडी पहुंची है। शेष किसानों को भुगतान नहीं होने से उनमें रोष है। किसानों ने कहा कि जब तक सभी पात्र किसानों को सब्सिडी का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इसके अलावा किसानों ने फाइल तैयार करने के नाम पर प्रति किसान 2000 रुपये लिए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने की भी मांग की।
वहीं समिति के एमडी विपिन पांडे ने बताया कि कुछ किसानों द्वारा जमा कराए गए प्रमाण पत्रों में त्रुटियां होने के कारण उनकी सब्सिडी नहीं मिल सकी है। प्रमाण पत्रों की त्रुटियां दूर कर 15 अक्टूबर तक पात्र किसानों के खातों में सब्सिडी भेजने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि करीब 300 किसानों ने निर्धारित तिथि के बाद फॉर्म जमा किए थे, जिसके चलते उनकी सब्सिडी खाते में नहीं पहुंच पाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। धरने में नफीस नगर अध्यक्ष जानसठ, ओमपाल, अमित कुमार, सत्य प्रकाश, प्रेमराज, मुकेश गिरी, धर्मेंद्र भाटी, भरे खान, इकबाल, बालिस्टर, राजपाल, नसीम, रिजवान, जितेंद्र, रवि चंद्रा, अनुराग, वीर भानु, अंकुर भाटी, जय सिंह, सुरेश चंद त्यागी, नीरव, नीरज भाटी, शिवम कुमार, जोगिंदर, अमरीश कुमार और अर्पित भाटी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।