LPG Gas Shortage: गैस संकट से कुम्हारों के दिन बहुरे, मिट्टी के चूल्हों की बढ़ी मांग
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Mitti Chulha: कैराना में इन दिनों कुम्हारों के चेहरे खिले हुए नजर आ रहे हैं। गैस की किल्लत के चलते की जहां आम आदमी परेशान है, वहीं पारंपरिक कुम्हारों के व्यवसाय को नई संजीवनी मिली है। लोग एक बार फिर मिट्टी के चूल्हों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उनकी बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है। कस्बे के इस्सापुर खुरगान मोड़ पर वर्षों से मिट्टी के बर्तन और चूल्हे बनाने वाले कुम्हार परिवारों का कहना है कि पहले उनके बनाए चूल्हों की मांग सीमित थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। एलपीजी की किल्लत के चलते लोग विकल्प के रूप में चूल्हों को प्राथमिकता देने लगे हैं। Kairana News
मिट्टी के बर्तन बनाने वाली बबीता ने बताया कि उनका परिवार करीब 20 वर्षों से इस कार्य से जुड़ा है। पहले जहां रोजाना 4 से 5 चूल्हे ही बिकते थे, अब यह संख्या बढ़कर 20 से 30 तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि बड़ी संख्या में महिलाएं चूल्हे खरीदने के लिए पहुंच रही हैं। गैस की अनियमित आपूर्ति और महंगाई के चलते ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में चूल्हों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इससे कुम्हारों के इस पारंपरिक पेशे को एक बार फिर मजबूती मिलती दिख रही है। कुम्हार समुदाय के लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह मांग बनी रही, तो उनका पुश्तैनी व्यवसाय और आगे बढ़ेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
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