Mathura Court Verdict: मथुरा गेस्ट हाउस हत्याकांड में मथुरा फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला

महिला मित्र से दुष्कर्म व हत्या के दोषी सुखवीर सिंह को उम्रकैद

Manmohan Picture
Published On

Mathura Rape Murder Case: मथुरा। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए युवती के साथ दुष्कर्म और फिर गोली मारकर उसकी हत्या करने के दोषी सुखवीर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश और फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिला अपराध) के पीठासीन अधिकारी विजय कुमार सिंह ने इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद सुखवीर सिंह को दोषी करार दिया। Mathura News

अदालत ने आरोपी पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी सुखवीर सिंह (31), निवासी नगला पोहपी, थाना रिफाइनरी, मथुरा, मृतका से लगभग छह वर्ष से प्रेम संबंध बनाए हुए था। जब युवती के परिवार वालों ने उसकी शादी आजाद नगर, मथुरा के एक युवक से 10 दिसंबर 2020 को तय कर दी, तो सुखवीर सिंह बुरी तरह बौखला गया।

प्रेमिका की शादी किसी और से होने की बात उसे बर्दाश्त नहीं हुई और उसने युवती को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 2 दिसंबर 2020 को जब युवती अपनी शादी का सामान खरीदने बाजार आई थी, तब सुखवीर सिंह ने व्हाट्सएप पर चैटिंग करके उसे मिलने के बहाने मथुरा बैराज मोड़ स्थित गोपी कृष्ण गेस्ट हाउस में बुलाया। वह उसे गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 12 में ले गया। वहां आरोपी ने युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे बातों में उलझाकर बाथरूम में ले गया और अपने पास छिपाकर लाए गए 315 बोर के तमंचे से उसकी कनपटी पर गोली मार दी। Mathura News

गोली लगते ही युवती की मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर गेस्ट हाउस में अफरा-तफरी मच गई। भीड़ जुटने लगी तो आरोपी घबरा गया और खुद ही पुलिस को फोन करके घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाकर सुखवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बाथरूम में युवती का शव खून से लथपथ पड़ा मिला। तलाशी के दौरान पुलिस को हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा, खोखा कारतूस और आरोपी की जेब से चार जिंदा कारतूस भी बरामद हुए।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य मजबूत सबूत पेश किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि युवती की मौत सिर में लगी गोली से हुई थी। अदालत ने सभी सबूतों और दलीलों को ध्यान में रखते हुए सुखवीर सिंह को दोषी पाया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई। साथ ही जेल में बिताए गए समय को सजा में समायोजित करने का भी आदेश दिया। Mathura News

About The Author

Related Posts