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UP Railway News: यूपी के इन जिलों की सूरत बदल देगी यह नई रेल लाइन, देखें रूट, इन गांव की जमीनों के रेटों के दाम बढ़ने लगे
UP Railway News: यूपी के इन जिलों की सूरत बदल देगी यह नई रेल लाइन, देखें रूट, इन गांव की जमीनों के रेटों के दाम बढ़ने लगे
UP Railway News: गाजियाबाद, अनु सैनी। उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक आर्थिक विकास की सबसे बड़ी धुरी बनने जा रहा है। केंद्र सरकार ने गाजियाबाद से सीतापुर तक प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को अब बुढ़वल तक विस्तार देने का बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी है। करीब 96 किलोमीटर लंबे सीतापुर-बुढ़वल सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने से यह कॉरिडोर देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारों में शामिल हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट औद्योगिक शहर लुधियाना से दानकुनी तक बने पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का मजबूत विकल्प भी साबित होगा।
माल ढुलाई और यात्री ट्रेनों को मिलेगा बड़ा फायदा | UP Railway News
वर्तमान में गाजियाबाद से सीतापुर तक केवल दो रेल लाइनें हैं, जिन पर यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों का भारी दबाव रहता है। मुरादाबाद, हरदोई, रोजा, बुढ़वल, देहरादून, जम्मू-कश्मीर और पंजाब की ओर जाने वाली ट्रेनों के कारण यह रूट अक्सर व्यस्त रहता है।
नई तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बने उत्पादों को उत्तर प्रदेश जैसे बड़े बाजार तक पहुंचाना बेहद आसान हो जाएगा। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक माल की तेज सप्लाई संभव होगी।
बनेंगे नए स्टेशन, बढ़ेगा रोजगार
इस परियोजना के तहत कई नए स्टेशन भी विकसित किए जाएंगे। इनमें न्यू हापुड़, न्यू मुरादाबाद, न्यू रामपुर, न्यू बरेली, न्यू शाहजहांपुर और न्यू सीतापुर शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में इस परियोजना को पूरा करना है। रेलवे के अनुसार इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद सालाना 36 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी। इससे लॉजिस्टिक लागत में हर साल लगभग 2877 करोड़ रुपये की बचत होगी। साथ ही करीब 264 लाख मानव दिवस का रोजगार भी उत्पन्न होगा।
उद्योगों को मिलेगा नया बाजार
इस रेल परियोजना से गाजियाबाद की मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलेगा। वहीं मुरादाबाद के पीतल और हैंडीक्राफ्ट उद्योग, शाहजहांपुर के फर्नीचर, टेक्सटाइल और कारपेट कारोबार तथा सीतापुर की प्रसिद्ध दरी उद्योग को भी नई गति मिलेगी।
लखनऊ के लिए बनेगा नया रेल रूट
लखनऊ से सीतापुर सेक्शन अभी सिंगल लाइन पर निर्भर है, जबकि हरदोई सेक्शन पर ट्रेनों का भारी दबाव रहता है। ऐसे में इस परियोजना के तहत लखनऊ-सीतापुर लाइन की डबलिंग भी भविष्य में नए रेल विकल्प तैयार करेगी। इसके बाद दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए कई ट्रेनों को नए रूट पर शिफ्ट किया जा सकेगा, जिससे पुराने रूटों पर भीड़ कम होगी।
यात्रियों का बचेगा 2 से 3 घंटे समय
रोजा जंक्शन पर कई रेल लाइनों का दबाव एक साथ पड़ने से ट्रेनों की औसत गति प्रभावित होती है। अक्सर ट्रेनें घंटों तक बंचिंग का शिकार हो जाती हैं। तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को अलग-अलग ट्रैक पर शिफ्ट किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और लखनऊ से दिल्ली व जम्मू-कश्मीर तक यात्रा में 2 से 3 घंटे तक की बचत संभव होगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल व्यापार ही नहीं बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान देगी। अयोध्या धाम के बाद नैमिष धाम में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नई रेल लाइन दूधेश्वरनाथ, गढ़मुक्तेश्वर और हरिद्वार को नैमिष धाम से जोड़ने में मदद करेगी। साथ ही भविष्य में नैमिष धाम-अयोध्या-काशी विश्वनाथ धार्मिक सर्किट को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे सीतापुर मध्य उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।