शिक्षा और रोजगार
ट्रेड शो से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला: गिरिराज सिंह
उत्तर प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार से उद्योग एवं कारोबार के लिए बेहतर वातावरण तैयार हुआ:केंद्रीय वस्त्र मंत्री
ग्रेटर नोएडा (सच कहूँ न्यूज़ )। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 का चौथा संस्करण मंगलवार को कारोबार, निवेश और वैश्विक भागीदारी के नए आंकड़ों के साथ संपन्न हो गया। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित पांच दिवसीय आयोजन में करीब 6,500 करोड़ रुपये मूल्य के 4,400 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। समापन समारोह में प्रदेश में उद्योग, कारोबार और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। समारोह में औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी और राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी विचार रखे।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़कों, एक्सप्रेस-वे, कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार से उद्योग एवं कारोबार के लिए बेहतर वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य की उद्योग एवं निर्यातोन्मुख नीतियों से बाजार के अवसर बढ़े हैं और निर्यात इकोसिस्टम को मजबूती मिली है। गिरिराज सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास को उद्यम प्रोत्साहन से जोड़ने से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है। समारोह में उद्योग, निवेश और निर्यात से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
ट्रेड शो में 15,500 करोड़ रुपये के संभावित कारोबार का अनुमान
वहीं, कारोबारी पूछताछ के आधार पर करीब 15,500 करोड़ रुपये के संभावित कारोबार का अनुमान लगाया गया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) के आंकड़ों के अनुसार, ट्रेड शो में कुल 41,500 बी2बी बैठकें हुईं। इनमें 13,500 बैठकें रिवर्स बायर-सेलर मीट (आरबीएसएम) में और करीब 28 हजार बैठकें मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में हुईं। पांच दिनों में कुल 5,98,693 विजिटर और बिजनेस बायर्स पहुंचे। इनमें 1,74,990 घरेलू बिजनेस बायर्स और 4,23,703 सामान्य विजिटर शामिल रहे।
पिछले साल से कारोबार में आया अधिक उछाल
2025 की तुलना में इस वर्ष बी2 बी बैठकों में 31.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आरबीएसएम में विदेशी खरीदारों के साथ बैठकें 6,050 से बढ़कर 13,500 हो गईं। एमओयू की संख्या भी 3,900 से बढ़कर 4,400 पहुंच गई। एमओयू का अनुमानित मूल्य 2,680 करोड़ से बढ़कर 6,500 करोड़ रुपये हो गया, जबकि संभावित कारोबार 12,500 करोड़ से बढ़कर 15,500 करोड़ रुपये आंका गया।
पार्टनर कंट्री के रूप में छह देशों की रही भागीदारी
इस बार रूस के साथ ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम समेत छह देशों ने पार्टनर कंट्री के रूप में भाग लिया। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने प्रदेश के मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और एग्री-फूड प्रोसेसिंग क्षेत्रों में रुचि दिखाई। ट्रेड शो में प्रदेश के सभी 75 जिलों के पारंपरिक शिल्प, हथकरघा, पीतल, कालीन, चमड़ा और कृषि उत्पाद प्रदर्शित किए गए। एमएसएमई और स्थानीय कारीगरों को विदेशी कंपनियों के साथ सीधे कारोबारी संवाद और ऑर्डर के अवसर मिले।
ओडीओसी रहा मुख्य का केंद्र आकर्षण
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ (ओडीओसी) हॉल भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी समेत अन्य शेफ की मास्टर क्लास में भी लोगों ने हिस्सा लिया। ट्रेड शो के दौरान उद्योग और नीति से जुड़े करीब 20 ज्ञान सत्र आयोजित हुए। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद समेत कई प्रमुख लोगों ने आयोजन में भाग लिया।
अमित शाह ने किया था उद्घाटन
यूपीआईटीएस 2026 का उद्घाटन 25 सितंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। समापन समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह मुख्य अतिथि रहे। जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, भूपेंद्र सिंह चौधरी और राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी भी मौजूद रहे ।
कारोबार के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी हुआ आयोजन
पांच दिवसीय आयोजन में कारोबार के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। लोक संगीत, कथक, लोकनृत्य, भजन, सूफी संगीत और अन्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। छात्रों ने क्विज, मॉडल यूनाइटेड नेशंस, कला-संस्कृति, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और बैटल ऑफ बैंड्स जैसी गतिविधियों में भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, यूपीआईटीएस 2026 ने सरकारी नीति, उद्योग, निर्यात, अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग, तकनीक, स्थानीय उत्पाद और संस्कृति को एक मंच पर लाने का अवसर उपलब्ध कराया।