Ramlila: यज्ञ की प्रतिज्ञा के लिए राम-लक्ष्मण को मांगकर ले गए विश्वामित्र

यज्ञ की प्रतिज्ञा के लिए राम-लक्ष्मण को मांगकर ले गए विश्वामित्र

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कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: कस्बे के गौशाला भवन में चल रहे श्री रामलीला महोत्सव में चौथे दिन भगवान राम की लीला का मंचन किया गया, जिसका शुभारंभ समिति अध्यक्ष जयपाल सिंह एडवोकेट के द्वारा द्वीप प्रज्वलित करके किया गया। पहले दृश्य में दिखाया गया कि भगवान राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न को माताएं झूला झुला रही है। गुरु वशिष्ठ चारों का नामकरण करते है और नगर में बधाई गाई जाती है। उधर, मारीच और सुबाहु आदि राक्षस तप और पूजा-हवन कर रहे ऋषि विश्वामित्र और अन्य संतों को परेशान करते है। राक्षस उनके हवन-कुण्ड में दुर्गंध आदि डाल देते है। वहीं पर बैठकर मांस और मदिरा का सेवन करते है, जिससे तंग आकर विश्वामित्र विचार बनाते हैं कि क्यों ना सूर्यवंशी राजा दशरथ से विष्णु भगवान के अवतार भगवान राम और लक्ष्मण को मांग कर लाया जाए।

इससे इन राक्षसों का उद्धार भी हो जाएगा और हवन पूजन आदि करने में भी समस्या उत्पन्न नहीं होगी। दूसरे दृश्य में दिखाया गया कि महाराज दशरथ प्रजा के साथ शाही दरबार में बैठे हैं। सभी दरबारियों से उनके कार्य की प्रगति आख्या लेते है। मंत्री सुमंत और खजांची को आदेश देते हैं कि अयोध्या का जो भी व्यक्ति अपने किसी सवाल को लेकर अथवा समस्या को लेकर आए तो उसकी समस्या का निस्तारण किया जाए। इसी दौरान महर्षि विश्वामित्र महाराज दशरथ के दरबार में पहुंचते है। वह उन्हें सारा वृतांत बताते हुए भगवान राम और लक्ष्मण को अपने साथ जाने के लिए आज्ञा मांगते है, परंतु महाराज दशरथ पुत्र मोह में पड़ते हुए कहते है कि आप मेरे पुत्रों को न ले जाकर मुझे अपने साथ ले चलो ताकि मैं आपकी रक्षा कर सकूं।

इससे निराश होकर गुरु विश्वामित्र महल से वापिस जाने लगते है, तभी गुरु वशिष्ठ विश्वामित्र को रोकते हुए महाराज दशरथ को उनके पुत्र राम और लक्ष्मण की शक्ति का अहसास कराते है और दोनों पुत्रों को विश्वामित्र के साथ भेजने के लिए कहते है। इस पर महाराज दशरथ अपने दोनों पुत्रों को शिक्षा ग्रहण करने और राक्षसों के उद्धार के लिए गुरु विश्वामित्र के साथ भेज देते है। राम का अभिनय सतीश प्रजापति, लक्ष्मण का राकेश प्रजापति, भरत का शिव शर्मा, शत्रुघ्न का देव गर्ग, महाराज दशरथ का अभिनय अनुज प्रजापति, वशिष्ठ का अभिनय डॉ0 सुशील, सुमंत का अभिनय रिशिपाल शेरवाल, विश्वामित्र का अभिनय आशु गर्ग, मारीच का अभिनय अनमोल शर्मा, सुबाहु का ऋषिपाल शेरवाल, फरियादियों का अभिनय  राकेश गर्ग सप्रेटा, धीरू, सन्नी, सोनू कश्यप, पुनीत गोयल, सागर मित्तल, विराट नामदेव ने किया।

इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जयपाल सिंह कश्यप, सचिव आलोक गर्ग, कोषाध्यक्ष संजू वर्मा तथा रोहित, प्रमोद गोयल, डा0 रामकुमार गुप्ता, अतुल कुमार गर्ग, सुशील कुमार सिंघल, शगुन मित्तल एडवोकेट, सभासद राकेश गर्ग, राकेश सिंघल, अमित सिंघल(काल प्रभारी), राजेश नामदेव, मनोज कुमार मित्तल, सोनू नेता, अभिषेक गोयल, विजय नारायण, सागर गर्ग, रविन्द्र कुमार, अनिल गोयल, अमन गोयल, विराट नामदेव, पंकज सिंघल, सुशील सिंघल निक्की, रणवीर कश्यप, आशीष नामदेव, शिवम गोयल, अभिषेक गोयल,  अश्विन सिंघल, नरेश सचिन शर्मा, काका अंकित, अभिषेक भारद्वाज, तुषार वर्मा, अमित कुमार सैन आदि मौजूद रहे। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से किलागेट चौकी प्रभारी एसआई राजकुमार बघेल के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। 

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