हमसे जुड़े

Follow us

13.6 C
Chandigarh
Monday, February 23, 2026
More
    Home देश पूज्य गुरु जी...

    पूज्य गुरु जी आज घर आए हैं…

    आपके नूर की फिर हुई बरसात,
    प्रेमियों ने घी के दिए जलाए हैं ।
    महका-महका हुआ समां,
    पूज्य गुरु जी घर आए हैं…

    अजी! देखो चंद्रमा भी शरमाया,
    दो जहां का खुदा लौट आया है।
    पावन धूली चरणों की लगा मस्तक पर
    धरा ने भी खुशियों के गीत गाए हैं।
    पूज्य गुरु जी घर आए हैं…
    msg

    पलकें बिछाए कब से,
    बाट हम जोह रहे थे।
    व्यर्थ चिंता दुनिया की कर,
    स्वांस कीमती खो रहे थे।
    फिर भाग जगाने, खुशियां ढेरों लाए हैं।
    पूज्य गुरु जी घर आए हैं…
    msg

    ये अनामी दो जहां का खुदा,
    सतयुग लेकर आएगा।
    जो मानकर सिमरन करेगा,
    नजारे अरबों गुणा वो पाएगा।।
    ये सब का है मसीहा,
    इसने गरीबों के बुझे दीप जलाए हैं।
    पूज्य गुरु जी घर आए हैं…

    मानेगी सारी दुनिया,
    चहुं और नफरत मिट जाएगी।
    कुफर तोलने वाली रूहें,
    फिर बड़ा पछताएगी
    जिनको दुनिया ढूंढती है,
    ये वो सतनाम हैं,
    घट-घट की जानने वाला।
    दो जहां का राम है।
    अजी! खुशियों के गीत,
    आसमां ने भी गाए हैं।
    पूज्य गुरु जी घर आए हैं…

    @ कुलदीप स्वतंत्र

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here