पूज्य बापू नंबरदार स. मग्घर सिंह जी की पावन स्मृति में रक्तदान शिविर आयोजित

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सरसा। अरदास का भजन बोलकर रक्तदान शिविर का शुभारंभ करते आदरणीय बहन हनीप्रीत जी इन्सां, डेरा प्रबंधन समिति व अस्पताल का स्टॉफ व कैंप में रक्तदान करते रक्तदाता। छाया- सुशील कुमार

डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं ने रक्तदान कर पूज्य बापू जी को दी श्रद्धांजलि

  • शिविर में डेरा श्रद्धालुओं ने किया 159 यूनिट रक्तदान | Parmarthi Diwas

सरसा (सच कहूँ न्यूज)। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पिता पूज्य बापू नंबरदार मग्घर सिंह जी की 19वीं पावन स्मृति (परमार्थी दिवस) में वीरवार को शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 159 यूनिट रक्तदान किया गया। रक्तदान शिविर का शुभारंभ सुबह 9:00 बजे डेरा सच्चा सौदा के चेयरमैन डॉ. पी.आर. नैन इन्सां सहित प्रबंधकीय समिति सदस्यों, बहन हनीप्रीत इन्सां, अस्पताल के चिकित्सकों, स्टाफ सदस्यों और उपस्थित रक्त दाताओं ने धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा तथा विनती का भजन बोलकर किया।

रक्तदान शिविर को लेकर रक्तदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। रक्तदान शिविर में रक्तदान करने के लिए बड़ी संख्या में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सदस्य और साध-संगत अस्पताल में स्थित पूज्य बापू मग्घर सिंह जी इंटरनेशनल ब्लड सेंटर पहुँची। लेकिन ब्लड सेंटर ने अपनी जरूरत के मुताबिक ही रक्त लिया और काफी लोगों को बिना रक्तदान ही लौटना पड़ा। वहीं रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को ब्लड सेंटर की ओर से प्रशंसा पत्र, स्मृति चिन्ह और रिफ्रेशमेंट भी दी गई। शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पुनीत इन्सां ने बताया कि पूज्य बापू नंबरदार मग्घर सिंह जी भक्ति और समाज सेवा में अपना पूरा जीवन लगाते हुए 5 अक्तूबर 2004 को मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे थे। Parmarthi Diwas

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इसीलिए हर साल 5 अक्टूबर को साध-संगत परमार्थी दिवस (Parmarthi Diwas) के रूप में मनाती है, इस दिन डेरा अनुयायी रक्तदान सहित 159 मानवता भलाई कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। गौरतलब है कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं की बदौलत रक्तदान के क्षेत्र में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों का कोई सानी नहीं है। जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद के लिए ये हमेशा रक्तदान को तैयार रहते हैं। इसी के चलते पूज्य गुरु जी ने इन्हें ट्रयू ब्लड पंप की संज्ञा दी है। सतगुरु की रहमत से ये अब तक रक्तदान करके लाखों लोगों का अमूल्य जीवन बचा चुके हैं। रक्तदान के क्षेत्र में डेरा सच्चा सौदा का नाम तीन बार गिनीज बुक में दर्ज है।

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