Property Tax: विरोध के बाद, बढ़ा हुआ टैक्स  सरकार ने किया निरस्त

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Property Tax: गाजियाबाद(सच कहूँ/रविंद्र सिंह)।  महापौर सुनीता दयाल की अध्यक्षता में नगर निगम सदन में विशेष स्पेशल बोर्ड बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक भी मौजूद रहे। बैठक की शुरूआत  वंदे मातरम  के साथ हुई, लेकिन संपत्ति कर वृद्धि के निर्णय पर पार्षदों और शासकीय अधिकारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। सदन में पार्षदोंऔर सदन के बाहर  व्यापारियों ने  विरोध प्रदर्शन किया। निगम की स्पेशल बोर्ड बैठक मेंनिगम सदन में लगभग 86 पार्षदों ने नए संपत्ति कर बढ़ोतरी के खिलाफ जमकर आवाज उठाई और इसे एकतरफा व जनविरोधी निर्णय करार दिया। भाजपा सांसद और मंत्री सुनील शर्मा, विधायक अजीत पाल त्यागी व संजीव शर्मा ने भी सदन में कर वृद्धि की आलोचना की और पारदर्शी पुनर्विचार की वकालत की। अनेक पार्षदों के विरोध के बीच आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कर विवरण की प्रक्रिया समझाते हुए पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया। हालांकि विरोध और हंगामे के बीच अंतत: महापौर ने संपत्ति कर वृद्धि को निरस्त करने की घोषणा की, पूरे सदन ने महापौर के निर्णय का स्वागत  किया। महापौर सुनीता दयाल ने नए सम्पति कर को निरस्त करते हुए कहा कि इस मामले की जांच भी की जाएगी । और मामले पर अगली  बोर्ड बैठक में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।

दर्जनों व्यापारियों ने प्रदर्शन कर महापौर के नाम  ज्ञापन सौंपा | Property Tax

निगम बोर्ड बैठक के दौरान निगम कार्यालय के बाहर दर्जनों व्यापारियों ने प्रदर्शन कर महापौर के नाम  ज्ञापन सौंपा और  टैक्स वृद्धि वापस लेने की मांग की। विपक्ष की तरफ से कांग्रेस पार्टी के पूर्व पार्षद जाकिर सैफी और नसीम खान ने निगम मुख्यालय के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने  हाउस टैक्स वापस लो,  जैसे नारे लगाए और नगर निगम के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हाउस टैक्स में की गई वृद्धि जनविरोधी है और यह जनता पर सीधा आर्थिक  बोझ डालती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।

सारी शिकायतें पार्षदों पर ही आती है , मैं जनता के साथ हूं : सुनील शर्मा

निगम सदन में  प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और साहिबाबाद के विधायक सुनील शर्मा ने कहा सभी पर टैक्स लगे। सदन के साथ उन्होंने भी टैक्स बढ़ोत्तरी पर विरोध जताया। टैक्स की एमाउंट नहीं दरक्लियर होनी चाहिए। साथ ही कहा पार्षद पर ही सारी शिकायत आती हैं। निगम के साथ हर समस्या जनता सीधे पार्षद पर आती है। जनता के साथ हूँ।निगम की सदन बैठक के दौरानसदस्यों ने चार गुना बढ़ाए गए हाउस टैक्स का कड़ा विरोध किया और इसके तुरंत रद्द किए जाने की मांग की। पार्षदों का कहना है कि इस अत्यधिक टैक्स वृद्धि को जनता के सामने सही ठहराना कठिन है। यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे लोगों के बीच कैसे जाएँगे। कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि टैक्स दरें स्पष्ट होनी चाहिए और आम जनता पर अनावश्यक रूप से बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि व्यावसायिक संपत्तियों पर टैक्स वसूली को अधिक प्रभावी बनाया जाए। सांसद अतुल गर्ग ने भी जनता के समर्थन में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की।

 बढ़ा हुआ टैक्स निरस्त, नगर निगम नहीं लेगा बढा हुआ टैक्स: मेयर | Property Tax

 संसद ,विधायकों और पार्षदों के विरोध के बाद निगम महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम का बढा हुआ टैक्स नहीं लेगा। बढ़ा हुए  टैक्स को निरस्त किया जाता है।  कहा कि जितना फंड होगा उतना ही विकास होगा। अब टैक्स पर निगम  कर्मचारियों के जवाब देही होगी तय। नीचे के कर्मचारियों की मिलीभगत की भी  जांच होगी । टैक्स का बिल बनाने के लिए कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी । महापौर ने कहा कि ऐसी गड़बड़ियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निगम को आत्मनिर्भर बनाना होगा। आगे बुलाया जाएगा सदन तभी होगा तय की कितना टैक्स लगेगा ।

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