चीन ने अलगाववादी रवैये पर ताइवान को दी चेतावनी

Published On

बीजिंग (Varta) चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया तो उसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। श्री जिनपिंग ने संसद के वार्षिक सत्र के समापन संबोधन में कहा चीन अपनी मातृभूमि के पुनर्एकीकरण को शांतिपूर्ण तरीके से करना चाहता है। चीन के विकास में ताइवान को सहयोग कर और अवसरों का फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन ताइवान में शांतिपूर्ण संबंध और चीन के शांतिपूर्ण पुनर्एकीकरण को आगे बढ़ाना चाहता है। (China)

हम चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए दृढ़ हैं और ताइवान की आजादी के लिए अलगाववादी गतिविधियों को सहन नहीं करेंगे। श्री जिनपिंग ने कहा कि चीनी लोगों का एक साझा विश्वास है कि उसके देश के किसी भी क्षेत्र को अलग करना बिल्कुल असंभव है और वह किसी भी सूरत में इसकी अनुमति नहीं दे सकते हैं। गौरतलब है कि ताइवान के प्रति चीन की शत्रुता 2016 में साई इंग-वेन के ताइवान की राष्ट्रपति बनने के बाद बढ़ी है। साई आजादी समर्थक डेमाक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी की नेता हैं। राष्ट्रपति का मानना है कि ताइवान में शांति और स्थिरता की रक्षा दोनों तरफ की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को लेकर हमारी प्रतिबद्धता स्पष्ट और तर्कसंगत है। (China)

About The Author

Related Posts