कोरोना संकट: जिम और सलून बंद रहने के कारण संचालक हुए बदहाल

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नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। दिल्ली सरकार ने जहां अब धीरे धीरे अनलॉक की प्रकिया में फैक्टरियों और सरकारी तथा निजी कार्यालयों में श्रमिकों और कर्मचारियों के आने को अनुमति दे दी है और सभी कारोबारी दुकानें तथा माल्स भी खोल दिए हैं लेकिन सलून और जिम को खोलने की इजाजत नहीं देने से इनके संचालकों पर आर्थिक संकट मंडराने लगा है। दिल्ली सरकार ने हाल की अनलॉक की प्रकिया में जो दिशानिर्देश जारी किए हैं उनमें मेट्रो में यात्रा , निजी और सरकारी बसों में यात्रियों को बैठने की अनुमति दी है लेकिन जिम तथा सलून के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।

राजधानी के शाहदरा क्षेत्र में जिम संचालक मोहन कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष भी लाकडाउन के दौरान उसे काफी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था और उसने काफी बड़ा फ्लोर किराए पर लिया था जिसका किराया वह मासिक आधार पर दे रहा था। उस दौरान ऐसे अनेक जिम संचालकों को राज्य सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली थी और इस बार भी यही हो रहा है।

राजधानी में हजारों जिम संचालकों को आर्थिक संकट

मोहन कुमार ने कहा कि जब माल्स खोले जाने की अनुमति दी जा सकती है तो जिम को क्यों बंद किया जा रहा है जबकि लोगों में लाकडाउन के कारण मोटापा और अन्य बीमारियां भी देखने को मिल रही है। मोहन के मुताबिक सभी जिम संचालक साफ सफाई , मास्क की अनिवार्यता और उपयुक्त सैनेटाइज किए जाने जैसे मानकों का पूरा पालन करा रहे थे और सामाजिक दूरी पर भी ध्यान दे रहे थे लेकिन सरकार की तरफ से इन्हें खोले जाने को लेकर इस बार भी कोई दिशा-निर्देश नहीं आया। राजधानी में हजारों जिम संचालकों को अब आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और न ही सरकार ने उनकी कोई मदद की है।

मानसिक तनाव

इस बार लोगों को उम्मीदें थी कि राजधानी में सलून और बाल काटने वालों को दुकानें खोलने की अनुमति मिल जाएगी लेकिन सरकार की तरफ से ऐसा कोई निर्देश नहीं आया है और लोगों को बढ़े हुए बालों से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के सिर के बाल बड़े हो जाने से उनमें त्वचा संबंधी संक्रमण बढ़ रहे हैं और मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

 

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