हार्दिक के अनशन का दसवा दिन: सरकारी डाक्टरों से जांच कराने से किया इंकार

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अहमदाबाद (एजेंसी)। गुजरात के अहमदाबाद में अपने आवास पर दस दिनों से आमरण अनशन (Hardik Hunger strike) पर बैठे पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता हार्दिक पटेल ने सरकारी डाक्टरों से अपने स्वास्थ्य की जांच कराने तथा उन्हें अपने रक्त और मूत्र के नमूने देने से इंकार कर दिया है।

सोला सिविल अस्पताल के अधीक्षक डा़ आजेश देसाई ने आज यूनीवार्ता को बताया कि हार्दिक ने रविवार शाम और सोमवार सुबह हमारे चिकित्सकों की टीम से अपना स्वास्थ्य जांच कराने से इंकार कर दिया है।

चिकित्सकीय नैतिक प्रतिमानों के अनुसार किसी भी मरीज की सहमति के बिना जबरन उसके रक्त और मूत्र के नमूने नहीं लिये जा सकते। हालांकि उनके आवास के निकट हमारे चिकित्सकों की पूरी एक टीम सतत मौजूद है।

सरकार जांच में गड़बड़ी

ज्ञातव्य है कि किसानों की कर्ज माफी, पाटीदार आरक्षण और राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार उनके साथी अल्पेश कथिरिया की रिहाई की मांग को लेकर 25 अगस्त से यहां ग्रीनवुड रिसार्ट स्थित अपने आवास में अनशन पर बैठे हार्दिक के साथी निजी चिकित्सक डा़ अभयराजसिंह झाला ही अब उनके स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं।

हार्दिक के साथियों का आरोप था कि सरकारी जांच में गड़बड़ी है और इसके चलते ही वह निजी तरीके से उनके स्वास्थ्य की जांच करा रहे हैं। हार्दिक ने बीच में दो दिनों तक जल का भी त्याग किया था पर एक संत ने उन्हे पानी पिला कर जल-त्याग को समाप्त करा दिया था।

हार्दिक के समर्थन में उतरी कांग्रेस

इस बीच, हार्दिक के समर्थन में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल सोमवार को उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि भाजपा सरकार को हार्दिक से बातचीत करनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर जनता आंदोलन करेगी।

ज्ञातव्य है कि हार्दिक से अब तक सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने बातचीत नहीं की है। राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा का कहना है कि हार्दिक कांग्रेस के एजेंट हैं और अगले लोकसभा चुनाव के दौरान बिना वजह कोई मुद्दा पैदा कर कांग्रेस को फायदा पहुंचाने की नीयत से यह सब कर रहे हैं।

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