विश्व की फॉर्मेसी के तौर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी

Published On

नयी दिल्ली। भारत ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के कालखंड में दुनिया के 31 देशों को निशुल्क और 87 देशों को वाणिज्यिक आधार पर दवायें भेजीं हैं और लगातार आपूर्ति कर रहा है जिससे उसकी प्रतिष्ठा ‘विश्व की फाॅर्मेसी’ (World Pharmacy) के रूप में बढ़ी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित नियमित ब्रीफिंग में कहा कि अन्य देशों को भारत में निर्मित हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) एवं अन्य आवश्यक दवाओं की आपूर्ति मानवीय एवं वाणिज्यिक दोनों आधार पर की जा रही है। इस चुनौती पूर्ण समय में हमने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा किया जिससे हमारी प्रतिष्ठा ‘विश्व की फॉर्मेसी’ के तौर पर बढ़ी है।

श्रीवास्तव ने बताया कि भारत ने 28 लाख टेबलेट एचसीक्यू 25 देशों को मानवीय आधार पर मुहैया करायी हैं। 31 देशों को पैरासीटामॉल की 19 लाख टेबलेट दी गयीं हैं। इसके अलावा एचसीक्यू और पैरासीटामॉल की कई खेपें 87 देशों को वाणिज्यिक आधार पर प्रदान की गयीं हैं। कुवैत और मालदीव को डॉक्टरों एवं चिकित्साकर्मियों की रैपिड रिस्पांस टीमें भेजीं गयीं जिन्होंने स्थानीय चिकित्सकों की टीमों की क्षमता वर्द्धन के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया। उन्होंने बताया कि बीते सप्ताह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति तथा आयरलैंड, सिंगापुर, कनाडा और बंगलादेश के प्रधानमंत्री और म्यांमार की स्टेट काउंसलर से बात की है।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts