Pahalgam: पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों का फूटा दर्द, बताई अपनी व्यथा

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शिवखोड़ी में तीर्थयात्रियों की संख्या में गिरावट, पर्यटन व्यवसाय पर पड़ी गहरी चोट

Pahalgam terror attack: रियासी (जम्मू-कश्मीर) हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शिवखोड़ी तीर्थस्थल की ओर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेज़ी से गिरावट आई है। इस सुरक्षा संबंधी चिंता के चलते कई लोगों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी है, जिससे विशेषकर पर्यटन पर निर्भर लोगों की आजीविका पर संकट मंडराने लगा है। टट्टू चलाने वालों सहित अनेक स्थानीय लोग इस स्थिति से आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। Pahalgam News

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स्थानीय टट्टू चालक मोहम्मद सादिक ने बताया, “पहले यहां सब कुछ सामान्य था। तीर्थयात्री बड़ी संख्या में आते थे और हम सबका रोजगार भी अच्छा चलता था। लेकिन पहलगाम की घटना के बाद से लोग डर के कारण यहां आने से बच रहे हैं।” सादिक ने आगे कहा, “हमारा जीवन पूरी तरह तीर्थयात्रियों पर ही निर्भर है। यदि वे नहीं आएंगे तो हमारा काम रुक जाएगा। यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं – पुलिस, सीआरपीएफ और सेना मुस्तैदी से तैनात है – फिर भी लोगों में भय है।”

इस बार हमारी आमदनी ठप हो गया | Pahalgam News

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इसी तरह, एक अन्य टट्टू चालक अश्विनी कुमार ने भी चिंता जताई, “पिछले वर्ष हमारी आमदनी अच्छी थी, लेकिन इस बार सब ठप हो गया है। पर्यटन ही हमारा एकमात्र सहारा है। यदि यात्री नहीं आएंगे तो हम क्या करें? यहां दूसरा कोई रोज़गार का साधन भी नहीं है।”

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस हमले के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान के विरुद्ध कई कदम उठाए। इसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश देना शामिल है। स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि हालात जल्द ही सामान्य होंगे और शिवखोड़ी में एक बार फिर श्रद्धालुओं की चहल-पहल लौटेगी। Pahalgam News

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