25 हजार से अधिक मेडिकल दुकानें बंद, दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ किया विरोध

देशव्यापी बंद के आह्वान का असर बुधवार को तेलंगाना में व्यापक रूप से देखने को मिला

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Telangana Medical Stores Closed: हैदराबाद। देशव्यापी बंद के आह्वान का असर बुधवार को तेलंगाना में व्यापक रूप से देखने को मिला, जहां 25 हजार से अधिक मेडिकल दुकानें बंद रहीं। दवा विक्रेताओं के संगठनों ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर नियंत्रण, कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट पर रोक और नकली दवाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग को लेकर यह बंद आयोजित किया। राजधानी हैदराबाद में भी बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर बंद रखे गए। Telangana News

हालांकि, मरीजों को राहत देने के लिए अस्पताल परिसरों से जुड़ी मेडिकल दुकानों को इस बंद से बाहर रखा गया। राज्य के ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (डीसीए) ने जनता से अपील की कि वे स्थिति को लेकर घबराएं नहीं, क्योंकि आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दवाओं की जरूरत वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इसके लिए विभाग को पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है। डीसीए ने एक सार्वजनिक सलाह जारी करते हुए स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए अस्पतालों से संबद्ध फार्मेसियों को खुला रखा गया है। Telangana News

विभाग के महानिदेशक अविनाश मोहंती ने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो स्थानीय स्तर पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एआईओसीडी की जिला इकाइयां ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ समन्वय बनाए रखेंगी। इसके अलावा, कॉर्पोरेट मेडिकल स्टोर्स को भी अपनी सेवाएं जारी रखने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को जरूरी दवाओं की उपलब्धता में परेशानी होती है, तो वह स्थानीय ड्रग्स इंस्पेक्टर या संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यभर में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने अपने फील्ड अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि दवाओं की कमी या जनता की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। सहायता और जानकारी के लिए विभाग ने टोल-फ्री हेल्पलाइन भी उपलब्ध कराई है। Telangana News

दवा विक्रेताओं के संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसियों और डिजिटल स्वास्थ्य मंचों के अनियंत्रित विस्तार से दवाओं के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है। उनका मानना है कि इससे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां पैदा हो सकती हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हैं। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने नियमों में हालिया बदलावों का विरोध करते हुए बंद का समर्थन किया।

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