डबवाली के अशोक कुमार इन्सां ने पेश की 'अमर सेवा मुहिम' की अनूठी मिसाल
मेडिकल शोध के लिए 2026 का डबवाली का पांचवां शरीरदान
Body Donation: डबवाली (सच कहूँ/सुभाष)। शहर की एकता नगरी वार्ड नंबर-8 निवासी 75 वर्षीय अशोक कुमार इन्सां पुत्र किशोरी लाल इन्सां के मरणोपरांत उनके स्वजनों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत उनकी पार्थिव देह दान कर मानवता की अनूठी मिसाल कायम की। Sirsa News
सचखंडवासी अशोक कुमार इन्सां की पार्थिव देह को एसआरएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, सिकंदरपुर, ग्वालियर रोड, आगरा (उत्तर प्रदेश) में दान किया गया, जहां मेडिकल विद्यार्थी उस पर शोध कार्य करेंगे। अशोक कुमार इन्सां का निधन वीरवार रात्रि को हुआ था। वे लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़े हुए थे तथा मानवता भलाई कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उल्लेखनीय है कि ब्लॉक डबवाली का वर्ष 2026 में यह पांचवां शरीरदान है। शुक्रवार को उनके आवास पर अरदास का शब्द बोला गया। इसके बाद पार्थिव देह को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखा गया।
तत्पश्चात उनके निवास स्थान से अनाज मंडी रोड होते हुए चौटाला रोड तक अंतिम यात्रा निकाली गई, जहां से एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया। इस दौरान सेवादारों ने मानवता भलाई से जुड़े नारे लगाकर उन्हें भावभीनी विदाई दी। डेरा सच्चा सौदा की मयार्दा अनुसार बेटा-बेटी एक समान की शिक्षा पर चलते हुए सचखंडवासी की अर्थी को उनकी बेटियों व पुत्रवधुओं गीता इन्सां, कुसुम इन्सां, रीतू इन्सां और अनमोल इन्सां ने कंधा दिया। Sirsa News
इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष टेकचंद छाबड़ा एवं वाइस चेयरमैन अमनदीप बांसल ने कहा कि शरीरदान समाज के लिए प्रेरणादायक कार्य है और इससे मेडिकल शोध व डॉक्टरों की पढ़ाई में सहायता मिलेगी। पूर्व विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष कृष्ण सेतिया ने भावुक शब्दों में कहा कि उनकी अशोक कुमार इन्सां के साथ लगभग 60 वर्षों पुरानी दोस्ती और रिश्तेदारी रही है। उन्होंने कहा कि शरीरदान कर अशोक कुमार इन्सां ने ऐसा महादान किया है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इस अवसर पर परिवारजन, रिश्तेदार, शहरवासी, ब्लॉक प्रेमी सेवक गोबिंद इन्सां, सच्चे नम्र सेवादार हरदम सिंह इन्सां, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी तथा सच्ची प्रेमी समितियों के सेवादार भाई-बहन उपस्थित रहे। अशोक कुमार इन्सां अपने पीछे धर्मपत्नी संतोष इन्सां, पुत्र गुरतेज इन्सां, राजेश इन्सां, भारत भूषण इन्सां, बेटियां गीता इन्सां व कुसुम इन्सां सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उन्होंने वर्ष 1992 में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां से नामदान प्राप्त किया था, जिसके बाद उन्होंने अपना जीवन मानवता भलाई कार्यों को समर्पित कर दिया। Sirsa News

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