गुजरात की संगत बोली- केम छो मोटा बापू

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पंडाल में भारी तादाद में पहुंची संगत

कोठारा (गुजरात)। वीरवार को पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से साध-संगत को दर्शन दिए। इससे पहले बड़ी संख्या में लोगों की बुराइयां व नशा छुड़वा रामनाम से श्रीआसापुरा महामंदिर कोठारा गुजरात की साध-संगत से रूबरू हुए। प्रदेश की पुरातन सांस्कृतिक कार्यक्रम करके पूज्य गुरु जी शानदार स्वागत किया। इस मौके पर पूज्य गुरु जी ने फरमाया, बहुत आशीर्वाद बेटा, हमारे बेटा-बेटियां बहुत ही सुंदर लग रहे हो सारे बच्चे, अपने कल्चर के अकोरडिंग आप लोगों ने कपड़े पहने हैं, बहुत ही अच्छे लग रहे हो बच्चो।

मालिक का नाम, प्रभु का नाम, सुखो की खान है

पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार माह की खुशी में आॅनलाइन गुरूकुल के माध्यम से फरमाए गए रूहानी सत्संग को देश विदेश की साध-संगत ने एकाग्रचित होकर ध्यान से सुना। युवाओं ने पूज्य गुरू जी से गुरूमंत्र लेकर सामाजिक बुराईयां, नशा आदि छोड़कर बुराईयों से तौबा की। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि मालिक का नाम, प्रभु का नाम, सुखो की खान है, पर सही ढंग से, सही तरीके से अगर ले लिया जाए तो इसका असर बेइंतहा ज्यादा है। डॉक्टर कोई भी दवाई देते हैं, पुरातन समय में भी वैद्य कोई दवा देते थे, कोई भी दवाई दी जाती थी, तो उसके साथ परहेज बताये जाते थे।

बिन परहेज के दवा ली जाती थी तो वो फायदा नहीं होता था जो होना चाहिए। इसी तरह ओम, हरि, अल्लाह, गॉड, खुदा रब्ब का नाम है, अगर यह परहेज के साथ जो नियम बताये जाते हैं, सूफी संत, पीर-फकीर समझाते है, भाई राम-नाम की दवा, मालिक के नाम की दवा, आप लें और ये तीन नियम है, तीन परहेज है, ये-ये बुराईयां आपने नहीं करनी। उनको मानते हुए जब आप राम-नाम का जाप करते हैं, प्रभु-परमात्मा की भक्ति-इबादत करते हैं, तो यकीनन आपकी हर जायज मांग की तरफ आप कदम बढ़ाते चले जाते हैं।

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