Rahul Gandhi: भारत को पाकिस्तान के समकक्ष न रखा जाए, अमेरिका से समझौता बराबरी पर होना चाहिए

Published On

नई दिल्ली। लोकसभा में बजट पर चल रही चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ संभावित समझौतों और व्यापार व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति पर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि यदि ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से अमेरिका के साथ वार्ता होती, तो वह समानता के आधार पर की जाती और भारत को किसी भी स्थिति में पाकिस्तान के समकक्ष नहीं रखा जाता। Rahul Gandhi News

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय वार्ता में भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसका विशाल डिजिटल डेटा और जनसंख्या है। उनके अनुसार, यह 21वीं सदी की महत्वपूर्ण पूंजी है, जिसे वार्ता में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि अमेरिका अपनी मुद्रा और आर्थिक हितों की रक्षा करना चाहता है, तो भारत भी अपने हितों को समान रूप से प्राथमिकता देगा।

कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि वार्ता हमेशा बराबरी के पक्षों के बीच होनी चाहिए, न कि अधीनता के भाव से। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कृषि हितों पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, यदि अमेरिका अपने किसानों और उद्योगों की रक्षा करता है, तो भारत को भी अपने किसानों और संसाधनों की सुरक्षा का अधिकार है।

डिजिटल व्यापार नियमों में ढील देश की डिजिटल संप्रभुता को प्रभावित कर सकते हैं

व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि डिजिटल व्यापार नियमों में ढील, डेटा स्थानीयकरण की शर्तों में परिवर्तन तथा डेटा के मुक्त प्रवाह की अनुमति जैसे कदम दीर्घकाल में देश की डिजिटल संप्रभुता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने डिजिटल कर व्यवस्था और स्रोत कोड प्रकटीकरण से जुड़े प्रावधानों पर भी चिंता व्यक्त की।

ऊर्जा आयात के संदर्भ में उन्होंने आशंका जताई कि यदि व्यापारिक प्रावधानों के कारण भारत की तेल खरीद नीति बाहरी दबावों से प्रभावित होती है, तो यह देश की रणनीतिक स्वायत्तता को सीमित कर सकता है। उनके अनुसार, भारत को यह अधिकार होना चाहिए कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों का चयन करे।

राहुल गांधी ने कहा कि भारत एक उभरती वैश्विक शक्ति है और उसे किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर समान गरिमा और स्वायत्तता के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह ऐसे किसी भी समझौते में पारदर्शिता बरते, जो दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों को प्रभावित कर सकता है। Rahul Gandhi News

About The Author

Related Posts