अमेरिका में टास्क फोर्स सक्रिय, नागरिकों को मध्य-पूर्व छोड़ने के आदेश

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वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में तीव्र होते संघर्ष और अस्थिरता के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने नागरिकों को क्षेत्र के अनेक देशों से तत्काल प्रस्थान करने की सलाह जारी की है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि वर्तमान परिस्थितियों में सुरक्षा जोखिम अत्यधिक बढ़ गए हैं और स्थिति शीघ्र परिवर्तित हो सकती है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से मध्य पूर्व में निवास कर रहे अमेरिकी नागरिकों से कहा कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आग्रह किया कि उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों या अन्य साधनों का उपयोग कर सुरक्षित स्थानों की ओर प्रस्थान करें। US News

विदेश विभाग की वाणिज्य दूतावास मामलों की सहायक सचिव Mora Namdar ने भी स्पष्ट किया कि गंभीर सुरक्षा चुनौतियों के कारण नागरिकों को बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इज़रायल, वेस्ट बैंक, गाज़ा, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, क़तर, सऊदी अरब, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात तथा यमन जैसे देशों से यथाशीघ्र निकलने की सलाह दी गई है।

विशेष संचालन केंद्र से चौबीसों घंटे कार्यरत एक अंतर-एजेंसी कार्यबल सक्रिय कर दिया गया है

प्रशासन ने बताया कि वाशिंगटन स्थित विशेष संचालन केंद्र से चौबीसों घंटे कार्यरत एक अंतर-एजेंसी कार्यबल सक्रिय कर दिया गया है। इसमें कांसुलर सेवाओं, नागरिक सुरक्षा और राजनयिक सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ सम्मिलित हैं। संकट संचार इकाई विभिन्न दूतावासों और एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय कर रही है। अब तक अनेक सुरक्षा संदेश और अलर्ट जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लाखों नागरिकों तक जानकारी पहुँचाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल माध्यमों—विशेषकर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया—के जरिए भी नागरिकों को अद्यतन सूचनाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। नेतृत्व के वक्तव्यों का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद कर व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि यह परामर्श ईरान के साथ बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में जारी किया गया है। खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रवासी समुदायों की उपस्थिति तथा ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएँ व्यक्त की जा रही हैं। अमेरिकी प्रशासन ने नागरिकों को Smart Traveler Enrollment Program (STEP) में पंजीकरण कराने की भी सलाह दी है, जिससे दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को आपात स्थिति में वास्तविक समय की सूचनाएँ साझा करने तथा सीधे संपर्क स्थापित करने में सुविधा मिल सके। US News

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