Typhoon No. 15: टाइफून नंबर 15 को लेकर जापान में हाई अलर्ट घोषित, प्रधानमंत्री की लोगों से सतर्क रहने की अपील
लोगों से सावधानी बरतने की सलाह
Typhoon No. 15: नई दिल्ली। जापान में खराब मौसम के बीच टाइफून नंबर-15 का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने देशवासियों से विशेष सावधानी बरतने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर लगातार नजर रखने की अपील की है। तूफान के प्रभाव से कई इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा होने की आशंका जताई गई है। Japan News
प्रधानमंत्री तकाइची के अनुसार टाइफून नंबर-15 जापान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके 11 अगस्त को दक्षिणी तोहोकू और उत्तरी कांटो के आसपास पहुंचने की संभावना है। इसके चलते तटीय इलाकों में भी मौसम बेहद खराब हो सकता है।सरकार ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय के संकट प्रबंधन केंद्र में बनाए गए सूचना समन्वय कक्ष के माध्यम से मौसम और संभावित आपदा से जुड़ी जानकारियां लगातार जुटाई जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर राहत और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
तोहोकू में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा
तोहोकू के प्रशांत तटीय हिस्सों में 11 अगस्त की देर सुबह से देर रात तक भारी बारिश होने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को विशेष रूप से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने को कहा है। निचले इलाकों में पानी भरने, नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने और उनके उफान पर आने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।
मौसम के बिगड़ने के साथ 11 अगस्त को सुबह से शाम के बीच कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे इमारतों को नुकसान पहुंचने के साथ सड़क और अन्य परिवहन सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। समुद्री क्षेत्रों में भी स्थिति चुनौतीपूर्ण रह सकती है। देर सुबह से देर रात तक ऊंची लहरें उठने और समुद्री उफान की स्थिति बनने का अनुमान है। इससे जहाजों और तटीय ढांचे को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। Japan News
कांटो-कोशिन क्षेत्र में भी सतर्कता जरूरी
कांटो-कोशिन क्षेत्र में 11 अगस्त को दोपहर से देर रात तक ऊंची लहरों और भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। निचले इलाकों में जलभराव के साथ नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी पहले से जुटा लें। इसके अलावा निकासी केंद्र कहां हैं और वहां तक सुरक्षित तरीके से कैसे पहुंचा जा सकता है, इसकी जानकारी भी पहले से रखना जरूरी है।
उन्होंने लोगों से रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों को लगातार देखते रहने को कहा है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि खतरे का मामूली संकेत मिलने पर भी सुरक्षित स्थान की ओर जाने में देरी नहीं करनी चाहिए। समय रहते उठाए गए कदम ही लोगों और उनके परिवारों को संभावित आपदा से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। Japan News