Haryana Road Projects: हरियाणा में 9700 करोड़ के बाईपास प्रोजेक्ट को मंजूरी, इन 5 शहरों को मिलेगा फायदा, जमीन अधिग्रहण से किसानों को मिलेगा मुआवजा

Haryana Road Projects: हरियाणा में 9700 करोड़ के बाईपास प्रोजेक्ट को मंजूरी, इन 5 शहरों को मिलेगा फायदा, जमीन अधिग्रहण से किसानों को मिलेगा मुआवजा

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Haryana Road Projects: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। हरियाणा में सड़क और कनेक्टिविटी को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार, कुरुक्षेत्र, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल में बाईपास परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन सड़क परियोजनाओं पर करीब 9,700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य शहरों के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।

पांच शहरों में बनेंगे बड़े बाईपास | Haryana Road Projects

सरकार ने हिसार बाईपास, कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास, नारनौल सिटी बाईपास, जींद बाईपास और सोहना-पलवल बाईपास को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के जरिए हाईवे के ट्रैफिक को शहरों के बाहर से निकालने की योजना है।

हिसार बाईपास को हिसार-राजगढ़ रोड (NH-52) से हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ने की योजना है। इससे शहर के अंदर से गुजरने वाले वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है और सरकारी स्तर पर परियोजना को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

नारनौल में करीब 11 किलोमीटर का बाईपास

नारनौल में करीब 11 किलोमीटर लंबा सिटी बाईपास बनाया जाएगा। इसे NH-148B से जोड़ा जाएगा। यह बाईपास शहर के अंदर भारी वाहनों और दूसरे ट्रैफिक के दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

वहीं जींद में बाहरी रिंग रोड के साथ NH-352 पर चार लेन का बाईपास बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इससे जींद के आसपास हाईवे कनेक्टिविटी बेहतर करने और शहर में प्रवेश करने वाले ट्रैफिक को कम करने की योजना है।

सोहना-पलवल बाईपास होगा चार लेन

NH-919 से पलवल-सोहना बाईपास को अपग्रेड और रीडिजाइन करके चार लेन की सड़क के रूप में विकसित करने की योजना है। इसकी लंबाई करीब 24 किलोमीटर बताई गई है।

इस परियोजना से सोहना और पलवल के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करने के साथ-साथ इस रूट पर यातायात को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जमीन अधिग्रहण से किसानों को मिलेगा मुआवजा

इन बड़ी सड़क परियोजनाओं के लिए जिन इलाकों में नई सड़क के लिए जमीन की जरूरत होगी, वहां भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित जमीन मालिकों को लागू भूमि अधिग्रहण नियमों के तहत मुआवजा दिया जाता है।

कुरुक्षेत्र बाईपास के मामले में जिला प्रशासन पहले ही बता चुका है कि संबंधित गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। बाईपास के रास्ते में आने वाले 29 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री के दस्तावेजों के पंजीकरण पर भी रोक लगाई गई थी।

इसलिए जिन किसानों की जमीन परियोजना के दायरे में आती है, उनके लिए सबसे बड़ा सवाल मुआवजे की राशि और अधिग्रहण की प्रक्रिया का होगा। हालांकि, सभी पांच परियोजनाओं के लिए गांववार जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की अंतिम सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

9700 करोड़ रुपये होंगे खर्च

हरियाणा सरकार के मुताबिक इन बाईपास और संबंधित सड़क परियोजनाओं पर करीब 9,700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार केंद्र के साथ लागत साझा करने के लिए राज्य के हिस्से से जुड़े वित्तीय मॉडल पर भी काम कर रही है। इसके लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।

जेवर एयरपोर्ट से भी बेहतर होगी कनेक्टिविटी

सरकार ने DND-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास-KMP लिंक और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी के जरिए जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की दिशा में भी काम करने की बात कही है।

इसके अलावा करनाल रिंग रोड के लिए भूमि शेयर जमा कराया जा चुका है, जबकि अंबाला शहर और अंबाला कैंट को जोड़ने वाला रिंग रोड भी निर्माणाधीन है।

क्या होगा फायदा?

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हाईवे से गुजरने वाले भारी वाहनों को शहरों के अंदर जाने की जरूरत कम होगी। इससे शहरों में ट्रैफिक जाम कम करने, यात्रा का समय घटाने और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

वहीं जिन किसानों की जमीन परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें लागू नियमों के अनुसार मुआवजा मिलेगा। साथ ही बाईपास बनने के बाद आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ने से जमीन और स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ सकता है, हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव परियोजना के पूरा होने और स्थानीय बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

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