GMADA ED Raid: 30 से अधिक बैगों में दस्तावेज लेकर निकली इडी टीम, अधिकारियों को समन की तैयारी!

दो दिन की कार्रवाई के बाद 5-6 गाड़ियों में रवाना हुए अधिकारी

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चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। GMADA ED Raid News: गमाडा कार्यालय में करीब 36 घंटे तक चली इडी की तलाशी और जांच की कार्रवाई गुरुवार दोपहर समाप्त हो गई। जांच टीम 30 से अधिक बैगों में जब्त किए गए दस्तावेज और स्कैन किए गए रिकॉर्ड वाली हार्ड डिस्क लेकर कार्यालय से रवाना हुई। इडी जब अपनी जांच समाप्त कर वापस जा रही थी तो बाहर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से बचने के लिए पंजाब पुलिस की मदद ली गई। इडी की टीमों को पिछले गेट के रास्ते पंजाब पुलिस की सुरक्षा में चंडीगढ़ सीमा तक सुरक्षित पहुंचाया गया।

किसी सरकारी कार्यालय में अधिकारियों को अंदर ही रखकर इडी द्वारा की गई यह अब तक पंजाब के इतिहास की सबसे लंबी जांच बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए रिकॉर्ड के आधार पर आने वाले दिनों में गमाडा और अन्य संबंधित अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन जारी किए जा सकते हैं। फिलहाल इडी की ओर से जांच के दौरान क्या-क्या बरामद किया गया, इस बारे में कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। गमाडा के किसी अधिकारी को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

जांच समाप्त होने के बाद पिछले 36 घंटे से गमाडा कार्यालय में रुके अधिकारी और कर्मचारी भी अपने घरों के लिए रवाना हो गए, क्योंकि इस दौरान उन्हें काफी परेशानी से गुजरना पड़ा। हालांकि, एक दिन आराम करने के बाद भी अधिकारियों की नींद पूरी होने की संभावना कम ही है, क्योंकि इडी के अधिकारी जाते-जाते यह संकेत देकर गए हैं कि अब जांच में शामिल होने और सवालों के जवाब देने के लिए उन्हें इडी के कार्यालय में किसी भी समय बुलाया जा सकता है।

हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई, सरकार ने वापस ली याचिका

पंजाब सरकार की ओर से बुधवार देर रात पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका को गुरुवार को वापस ले लिया गया। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले को समाप्त कर दिया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में केन्द्र सरकार के वकील की ओर से पंजाब सरकार पर इस याचिका को लेकर जुर्माना लगाने की मांग भी की गई थी, हालांकि इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

पंजाब के गमाडा कार्यालय में दो दिनों से चल रही इडी की जांच के दौरान पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट का रुख करते हुए आरोप लगाया था कि पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों को कार्यालय में ही कैद करके रखा गया है और उन्हें घर तक जाने नहीं दिया जा रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने बुधवार रात को ही एक वारंट अधिकारी नियुक्त कर दिया था। वारंट अधिकारी ने सुबह गमाडा कार्यालय का निरीक्षण करते हुए पूरी स्थिति की जांच की।

इसके बाद वारंट अधिकारी की ओर से हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें इडी की जांच को नियमों के अनुसार बताते हुए पंजाब सरकार की ओर से दिए गए तर्कों को खारिज कर दिया गया। केन्द्र सरकार और जांच एजेंसी की ओर से हाईकोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील सत्यपाल जैन ने कहा कि पंजाब सरकार ने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है और इस तरह की कोई याचिका दायर नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि करोड़ों-अरबों रुपये के बड़े घोटाले और भ्रष्टाचार के मामले में यह जांच की जा रही है, जबकि पंजाब सरकार की ओर से इस जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। 

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