सावधान! साइबर ठगों को न दें अपने बैंक खाते और आधार नंबर की जानकारी

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बैंक कर्मचारी बन लोन को झांसा देकर लोगों को लगाते थे चूना

(Online Fraud)

सच कहूँ/राजेन्द्र दहिया फरीदाबाद। बैंक कर्मचारी बन लोगों को कॉल कर उनको लोन दिलाने का झांसा देते थे और फिर आॅनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। साइबर अपराध थाना पुलिस टीम ने दो अपराधियों को काबू कर लिया है। जीवन में जरूरतों को पूरा करने या शादी विवाह में तकरीबन सभी को पैसों की जरूरत होती है। जिस इंसान को पैसों की जरूरत हो और उसके पास कोई फोन आ जाए कि वह आसानी से आपको लोन दिला देगा तो शायद एक बार तो सभी ऐसे जालसाजों की बातों में आ सकते हैं।

ऐसा ही कुछ तिरखा कॉलोनी में रहने वाले महेंद्री के साथ हुआ। घटना दिनांक 13 जुलाई 2021 की है जब उनके पास बैंक कर्मचारी बन आरोपियों ने फोन किया और शिकायतकर्ता महेंद्री उनकी बातों में आ गया। जिस पर आरोपियों ने शिकायतकर्ता के खाते से 1 लाख 79 हजार 999 रुपए निकाल लिए। उपरोक्त वारदात के संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा साइबर अपराध थाना में सूचना देने पर मामला धोखाधड़ी के तहत दर्ज कर तुरंत मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की गई।

दो ठग पुलिस के शिकंजे में आए

इंस्पेक्टर बसंत प्रभारी साइबर अपराध थाना के साथ कार्य करते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी माध्यम से साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की पहचान की। जिस उपरांत पुलिस टीम ने आरोपी रोशन विश्वकर्मा पुत्र छोटेलाल निवासी विजय नगर गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) और सोनू पुत्र श्यामलाल निवासी संगम विहार (दिल्ली) को फरीदाबाद बॉर्डर एरिया से गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने आरोपियों को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिस में सामने आया कि आरोपियों ने बैंक कर्मचारी बन लोन दिलाने के नाम पर 30 से ज्यादा वारदातों को एनसीआर एरिया में अंजाम दिया हुआ है।

  • पूछताछ के दौरान जब आरोपियों से पूछा गया कि वह लोगों के फोन नंबर कहां से लाते थे।
  • इस पर आरोपियों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने में उनके साथ एक अन्य साथी भी होता था।
  • लोगों के मोबाइल नंबर और धोखाधड़ी के पैसे अकाउंट में डालने वाला अकाउंट भी वही उपलब्ध कराता था।
  • साइबर अपराध थाना की पुलिस टीम फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
  • पुलिस ने आरोपियों से 1 लाख 30 हजार रुपए और वारदात में इस्तेमाल की गई मोबाइल सिम बरामद कर ली है।
  • उपरोक्त दोनों आरोपियों का रिमांड पूरा होने पर अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।

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