चर्च में मनाया क्रिसमिस-डे

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लोगों ने ईशा मसीह को किया याद

भिवानी (इन्द्रवेश)। लगभग अढ़ाई हजार वर्ष पहले मदर मैरी ने यीशू मसीह को येरूस्लम में जन्म दिया था। जिन्होंने पूरे विश्व में प्रेम, सच्चाई, बलिदान व सेवा करने की शिक्षाएं अपने जीवनकाल में फैलाई। जिसके चलते उन्हें 25 दिसंबर को उनके जन्मदिवस को पूरा विश्व क्रिसमिस-डे या बड़े दिन के रूप में मनाता है। इसी कड़ी में शुक्रवार को भिवानी के बैपटिस्ट चर्च में क्रिसमिस-डे के अवसर पर यीशू मसीह की याद में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं को मिठाइयां बांटी गई। श्रद्धालुओं ने चर्च में यीशू मसीह को याद करते हुए मोमबत्तियां जलाई तथा उनकी शिक्षा पर चलने की प्रेरणा ली। हालांकि कोविड-महामारी के चलते अबकी बार चर्च में ज्यादा लोगों को नहीं बुलाया गया तथा चुनिंदा लोगों की ही मौजूदगी में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

सोशल डिस्टेंसिंग सहित नियमों का किया पालन

इस मौके पर चर्च के पादरी प्रकाश मसीह ने बताया कि भगवान यीशू मसीह के अपने जीवन काल में प्रेम करने, नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने, बलिदान करने की शिक्षाएं पूरे विश्व को दी। उनका संदेश था कि वे पापियों को मारने के लिए नहीं, बल्कि बचाने के लिए आए हैं। उनके द्वारा किए गए मानवता व विश्व कल्याण के कार्यों के कारण 25 दिसंबर को विश्व भर में उनके जन्मदिवस को क्रिसमिस दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते अबकी बार कुछ चुनिंदा लोगों की ही मौैजूदगी में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

इस मौके पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि क्रिसमिस त्यौहार की तैयारी के लिए उन्होंने पिछले एक सप्ताह से तैयारियां शुरू कर दी थी। उन्होंने अपने घर को डैकोरेट किया तथा क्रिसमिस ट्री बनाया। 24 दिसंबर की रात से ही उन्होंने क्रिसमिस-डे का उत्सव मनाना शुरू कर दिया। इस अवसर पर क्रिसमिस ट्री को सजाने के साथ ही केक काटा गया। घर में मीठे पकवान बनाए गए।

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