Punjab
सेंट्रल वॉटर कमीशन की टीम ने किया हथिनीकुंड बैराज पर चल रहे 146 करोड़ रुपए के डाया फ्रॉम वाल के कार्य का निरीक्षण
हथिनीकुंड बैराज पर सेंट्रल वॉटर कमीशन की टीम का निरीक्षण
प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar: सेंट्रल वॉटर कमीशन की एक उच्चस्तरीय टीम ने शुक्रवार को हथिनीकुंड बैराज पर पहुंचकर बैराज पर चल रहे डायाफ्राम वॉल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। टीम ने निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और परियोजना की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित इंजीनियरों और निर्माण एजेंसी से कार्य की तकनीकी जानकारी भी प्राप्त की।
हथिनीकुंड बैराज पर डायाफ्राम वॉल का निर्माण यमुना नदी के बहाव और बैराज की मजबूती को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह दीवार बैराज की नींव को सुरक्षित रखने और पानी के रिसाव को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। निरीक्षण के दौरान सेंट्रल वॉटर कमीशन की टीम ने निर्माण स्थल पर उपयोग की जा रही सामग्री, मशीनरी और तकनीकी प्रक्रियाओं की जांच की। टीम के अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था और जल प्रबंधन के लिए बेहद अहम है। बैराज से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित कई क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति होती है। ऐसे में इसकी संरचनात्मक मजबूती बनाए रखना जरूरी है। अधिकारियों ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान परियोजना से जुड़े वरिष्ठ इंजीनियरों ने बताया कि डायाफ्राम वॉल का कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी टीम के साथ परियोजना स्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि बैराज की दीर्घकालिक सुरक्षा और क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्य किया जा रहा है। डायाफ्राम वॉल बनने के बाद बैराज की स्थिरता और अधिक मजबूत होगी तथा भविष्य में किसी प्रकार के रिसाव या कटाव की आशंका कम हो जाएगी।
निरीक्षण के अंत में सेंट्रल वॉटर कमीशन की टीम ने कार्य की प्रगति पर संतोष जताया और संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार निर्माण कार्य जारी रखने के निर्देश दिए। टीम ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र के जल प्रबंधन को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा किसानों और आम लोगों को इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा। मौके पर नागेन्द्र एक्सईएन, हिमांशु एसडीओ, अतुल कुमार जेई,नवीन रंगा,अभिषेक जेई आदि मौजूद रहे।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन विजय गर्ग ने बताया कि दिल्ली से सेंट्रल वॉटर कमीशन के चीफ, सिंचाई विभाग के चीफ और अन्य अधिकारियों ने डाया फ्रॉम वाल के कार्य का निरीक्षण किया और गुणवत्ता और कार्य की प्रगति की रिपोर्ट ली। उन्होंने हथिनीकुंड बैराज पर जल प्रबंधन और सप्लाई का भी बारीकी से निरीक्षण किया।