Punjab
फतेहाबाद की 233 पंचायतें अब खुद संभालेंगी पानी का प्रबंधन
जितनी होगी बिल रिकवरी, उतनी ही राशि सरकार भी देगी, महिलाओं को भी मिलेगा रोजगार
फतेहाबाद (सच कहूँ/विनोद शर्मा)। Fatehabad News: हरियाणा सरकार ने ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। फतेहाबाद जिले की 233 ग्राम पंचायतों को अब जल प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। नई ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस पॉलिसी-2026 के तहत पंचायतें अब गांवों में पेयजल आपूर्ति, बिल वसूली, रखरखाव और शिकायत निवारण जैसे कार्य खुद संभालेंगी।
खास बात यह है कि पंचायत जितनी राशि पानी के बिल के रूप में एकत्रित करेगी, सरकार भी उतनी ही अतिरिक्त राशि पंचायत को उपलब्ध करवाएगी। इससे पंचायतों को जल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आर्थिक मजबूती मिलेगी। रतिया स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय में आयोजित बैठक में उपमंडल अभियंता आंचल जैन ने इस योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण स्तर पर जल प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पंचायतों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है ताकि गांवों में पेयजल सेवाएं अधिक जवाबदेह और मजबूत बन सकें।
महिलाओं को भी मिलेगा सीधा लाभ
योजना में स्वयं सहायता समूह (सेल्फ हेल्प ग्रुप) की महिलाओं को भी जोड़ा गया है। पानी के बिलों की रिकवरी में सहयोग करने वाली महिलाओं को वसूली गई राशि का 10 प्रतिशत प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक लाभ मिलने के साथ-साथ गांव स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नई नीति के तहत पंचायतें पानी के नए कनेक्शन जारी करने, मीटरिंग, बिल वितरण, भुगतान निगरानी, शिकायत समाधान और जल गुणवत्ता जांच जैसे कार्य करेंगी।
साथ ही पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पंप और अन्य जल संरचनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी भी पंचायतों के पास होगी। अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई और जल हानि रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। पंचायतें अब ‘बिस्वास पोर्टल’ के माध्यम से नए पानी कनेक्शन, कनेक्शन बंद करवाने, मीटर लगाने और शिकायतों का समाधान आॅनलाइन कर सकेंगी। उपभोक्ताओं को बिल और भुगतान संबंधी जानकारी एसएमएस के जरिए भी भेजी जाएगी।
55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी देने का लक्ष्य
सरकार ने योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण उपभोक्ता को प्रतिदिन 55 लीटर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जल गुणवत्ता की नियमित जांच फील्ड टेस्ट किट के जरिए की जाएगी ताकि लोगों तक सुरक्षित पानी पहुंच सके। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पंचायतों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी उपलब्ध करवाएगा। विभाग का लक्ष्य भविष्य में 24 घंटे जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना है। योजना के तहत फतेहाबाद ब्लॉक के सबसे अधिक 51 गांव शामिल किए गए हैं, जबकि रतिया के 44 और टोहाना के 42 गांवों को भी योजना में जोड़ा गया है। विभाग के अनुसार बड़ी पंचायतों को अगले चरण में 2027 से योजना में शामिल किया जाएगा।
ब्लॉकवार चयनित गांवों की संख्या
फतेहाबाद - 51
भट्टूकलां - 22
भूना - 22
नागपुर - 35
रतिया - 44
जाखल - 17
टोहाना - 42
