डॉ. अंबेडकर सामाजिक एकता मंच ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

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सरसा (सच कहूँ न्यूज)। अनुसूचित जाति वर्गीकरण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा दिए गए निर्णय के खिलाफ कानून पारित करवाने को लेकर डॉ. अंबेडकर सामाजिक एकता मंच की ओर से उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। मंच के प्रदेशाध्यक्ष रामनिवास धानिया ने बताया कि भारत में अनुसूचित जाति के लोगों को जो संविधान द्वारा सूचीबद कर प्रदत आरक्षण व्यवस्था है, वह उनके आर्थिक पिछड़ापन व भेदभाव की वजह से कतई नहीं है, वह मात्र और मात्र जातिगत भेदभाव की वजह से ही है। उन्होंने कहा कि आज भी भारत में धन और पद प्रभाव होने के बावजूद भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों से भेदभाव किया जाता है। Sirsa News

ज्ञापन में मांग की गई कि अनुसूचित जाति व जनजाति की भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था को भारतीय संविधान की 9वीं अनुसूची में डाला जाए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुसूचित जाति के वर्गीकरण व अनुसूचित जाति जनजाति आरक्षण व्यवस्था में क्रीमिलियर व्यवस्था लागू करवाई जाने के संबंध में दिए गए निर्णय को स्थगित करवाकर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों का एकीकरण बरकरार रखा जाए और उनमें फूट न डाली जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. महावीर कावलिया, अजय बारुपाल, रामकुमार बोयल, धर्मवीर, सुखदेव, जयवीर, रमेश मेहरा, राकेश, सुनील, अनिल, देवीलाल, कृष्ण कुमार, रमेश, बलराम आदि मौजूद थे। Sirsa News

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