किसान की आमदनी दोगुनी तो दूर, कर्जा और खर्चा दोगुना हो गया: सांसद दीपेन्द्र

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चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। केंद्र की नरेंद्र मोदी और प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सवाल किया कि 2022 शुरू हुए तीन हफ्ते बीत गये हैं, सरकार बताए किसान की आमदनी दोगुनी कब होगी? उन्होंने कहा कि किसान की आमदनी दोगुनी होना तो दूर की बात है, उसका कर्जा और खर्चा दोगुना हो गया है। बढ़ती महंगाई ने किसानों और आम गरीब की कमर तोड़ दी है। डीजल, खाद, बीज, कृषि उपकरण आदि महंगे होने से खेती की लागत बढ़ गयी।

किसान की आमदनी बढ़ने की बजाय घट गयी है। डीजल का भाव दोगुना हो गया। खाद के कट्टे का भाव दोगुना हो गया। बाजार में खाद्यान्नों की कीमत रोज नये रिकार्ड बना रही है, लेकिन किसानों को उनकी फसल का लागत भाव भी नहीं मिल रहा है। प्रदेश भर में खाद की किल्लत और कालाबाजारी से किसान परेशान हैं। पुलिस थानों में खाद बंटवाने की नौबत आ गयी है। भाजपा राज में किसान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं।

100 रुपए किलो बिका टमाटर, लेकिन किसान को फायदा नहीं

उन्होंने आगे कहा कि महंगाई की मार झेल रहे किसान को सबसे बड़ा दु:ख इस बात का है कि जो टमाटर बाजार में 100 रुपये किलो तक बिका। ये टमाटर कोई प्रधानमंत्री के ड्राईंगरुम में पैदा नहीं हुआ, बल्कि उसी किसान के खेत में पैदा हुआ था जिसे अपने खाने के लिये बाजार से 100 रुपये किलो का टमाटर खरीदना पड़ा। जब किसान के खेत में टमाटर था तो उसे किसी भाव नहीं खरीदा गया, इससे दु:खी किसानों ने अपना टमाटर ट्रालियों में भरकर सड़कों पर फेंक दिया।

रोजगार के सवाल पर सरकार नहीं दे रही जवाब

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं को हर वर्ष 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। 8 वर्ष हो गये, इस हिसाब से 16 करोड़ रोजगार मिलने चाहिए थे। 16 करोड़ रोजगार का मतलब है कि हर घर में 1 रोजगार। लेकिन भाजपा सरकार ने हर तीसरे हरियाणवी को बेरोजगार बनाकर छोड़ दिया है। आज देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर 34.1: हरियाणा में है।

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