दादरी में सीमेंट फैक्टरी की जगह बनेगी इंडस्ट्रियल टाउनशिप, सरकार का आवासीय योजना में बदलाव

केंद्र व राज्य सरकार 50-50 हिस्सेदारी से करेंगे विकास

Published On

Charkhi Dadri Industrial Township: चरखी दादरी, (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने चरखी दादरी को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। जिले में सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) की लगभग 200 एकड़ भूमि पर औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है। पहले इस जमीन पर आवासीय कॉलोनी बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब सरकार ने भूमि के मौजूदा औद्योगिक उपयोग को देखते हुए योजना में बदलाव किया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दादरी की इस जमीन के इस्तेमाल को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। परियोजना को हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (HSIIDC) और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सीसीआई की करीब 200 एकड़ भूमि वर्तमान मास्टर प्लान के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में आती है। ऐसे में जमीन को आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित करने की स्थिति में भू-उपयोग बदलने की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रक्रिया में लगभग दो साल तक का समय लग सकता है। इसी वजह से सरकार ने मौजूदा भूमि उपयोग को ध्यान में रखते हुए यहां औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का विकल्प चुना है।

दादरी को मिल सकता है नया औद्योगिक केंद्र

चरखी दादरी में अभी कोई औद्योगिक टाउनशिप नहीं है। ऐसे में प्रस्तावित परियोजना जिले में नए निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए आधार तैयार कर सकती है। लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रही सीसीआई की जमीन को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने से क्षेत्र में उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ेगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने और कारोबार से जुड़ी गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप के लिए चिन्हित भूमि की लोकेशन भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब 200 एकड़ का यह क्षेत्र दादरी रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित है और 152डी एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ा हुआ है। रेल और सड़क दोनों माध्यमों से कनेक्टिविटी होने के कारण औद्योगिक इकाइयों के लिए माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुविधा मिल सकती है। सरकार इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को निवेश आकर्षित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है।

HSIIDC और केंद्र की 50-50 हिस्सेदारी

बैठक में परियोजना के लिए केंद्र और राज्य के बीच सहयोग का प्रारंभिक ढांचा भी तय किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय और HSIIDC परियोजना में 50-50 प्रतिशत भागीदारी के आधार पर काम करेंगे। चूंकि जमीन सीसीआई के स्वामित्व में है, इसलिए प्रस्तावित टाउनशिप के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे और मूलभूत सुविधाओं के विकास की जिम्मेदारी HSIIDC की होगी।

परियोजना में जमीन की लागत, सड़क, बिजली, पानी तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं पर आने वाले खर्च का वास्तविक आकलन विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद किया जाएगा। परियोजना से प्राप्त होने वाले लाभ में भी दोनों पक्षों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रस्तावित है।

DPR में तय होगा परियोजना का पूरा खाका

फिलहाल सरकार का ध्यान विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने पर है। इसमें भूमि की लागत, बुनियादी ढांचा, संभावित निवेश, औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध सुविधाएं और टाउनशिप के विकास की पूरी योजना शामिल की जाएगी। यदि परियोजना प्रस्ताव के अनुसार आगे बढ़ती है तो दादरी में औद्योगिक निवेश के लिए नया क्षेत्र विकसित होने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।

About The Author

Related Posts