UP Highway News: खुशखबरी, यूपी में ये 4 हाईवे होंगे चौड़े, कहीं 4 तो कहीं 6 लेन की होगी सड़क; जाम से मिलेगी बड़ी राहत

UP Highway News: यूपी में ये 4 हाईवे होंगे चौड़े, कहीं 4 तो कहीं 6 लेन की होगी सड़क; जाम से मिलेगी बड़ी राहत

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up Highway News: लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए हाईवे नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। प्रदेश में नए एक्सप्रेसवे और हाईवे बनाने के साथ-साथ मौजूदा सड़कों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रदेश की चार प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण का फैसला किया है।

इनमें तीन हाईवे को चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किया जाएगा, जबकि एक महत्वपूर्ण मार्ग को दो लेन से चार लेन में तब्दील किया जाएगा। सड़कों के चौड़ा होने से न केवल वाहनों की रफ्तार बेहतर होगी, बल्कि लंबे समय से जाम और ट्रैफिक दबाव झेल रहे लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इन चार प्रमुख हाईवे की बदलेगी तस्वीर |up Highway News

एनएचएआई के प्रस्ताव के मुताबिक 65 किलोमीटर लंबे लखनऊ-सीतापुर हाईवे को चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किया जाएगा। इसी तरह 135 किलोमीटर लंबे झांसी-उरई हाईवे और 70 किलोमीटर लंबे उरई-बारा हाईवे को भी छह लेन में विकसित किया जाएगा।

वहीं, 102 किलोमीटर लंबे बाराबंकी-बहराइच हाईवे को दो लेन से बढ़ाकर चार लेन किया जाएगा। इन मार्गों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और मौजूदा सड़क क्षमता पर इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है।

करीब 20 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर आएगा खर्च

एनएचएआई के लखनऊ क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल के अनुसार, इन चारों मार्गों के चौड़ीकरण पर औसतन प्रति किलोमीटर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस हिसाब से परियोजनाओं पर बड़ी धनराशि खर्च होगी।

चौड़ीकरण का काम इसी वित्तीय वर्ष में शुरू किए जाने की तैयारी है। खास बात यह है कि अधिकांश हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन पहले से उपलब्ध है। जहां भूमि की आवश्यकता होगी, वहां नियमानुसार अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

ट्रैफिक दबाव बढ़ने से लिया गया फैसला

एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक इन चारों मार्गों पर मौजूदा समय में यातायात का दबाव सड़क की क्षमता से अधिक हो चुका है। भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। इसके अलावा मालवाहक वाहनों और लंबी दूरी के यातायात का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है।

ऐसे में सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर वाहनों के लिए अतिरिक्त लेन उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ट्रैफिक को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने और यात्रा के समय को कम करने में मदद मिलेगी।

सफर होगा आसान, कारोबार को भी मिलेगा फायदा

हाईवे के चौड़ीकरण का फायदा केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से आसपास के शहरों और कस्बों के बीच आवागमन आसान होगा। माल ढुलाई तेज होने से व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ-सीतापुर, झांसी-उरई, उरई-बारा और बाराबंकी-बहराइच जैसे महत्वपूर्ण मार्गों की क्षमता बढ़ने से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क संपर्क और मजबूत होगा। आने वाले समय में इन मार्गों पर बढ़ते यातायात को संभालने में भी मदद मिलेगी।

यूपी के हाईवे नेटवर्क को मिल रही नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे और हाईवे का नेटवर्क लगातार विस्तार ले रहा है। नए मार्गों के निर्माण के साथ पुराने और अधिक दबाव वाले हाईवे को अपग्रेड करने की रणनीति से प्रदेश की सड़क व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। चार प्रमुख सड़कों का प्रस्तावित चौड़ीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजनाएं पूरी होने के बाद इन मार्गों पर जाम कम होने, यातायात सुगम होने और यात्रा की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।

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