नेत्रदानियों के परिवारों को सम्मान, मानवता भलाई केंद्र डेरा सच्चा सौदा, सरसा भी सम्मानित

नेत्रदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता और संवेदना का अद्भुत उदाहरण:सीईओ उमंग माथुर

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नई दिल्ली (सच कहूँ/रविंद्र सिंह)।  दरियागंज स्थित  डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल आई बैंक की ओर से आयोजित ‘अमरज्योति-2026’ कार्यक्रम में नेत्रदाताओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान नेत्रदान का निर्णय लेने वाले परिवारों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, मानवता भलाई केंद्र  डेरा सच्चा सौदा , सिरसा को नेत्रदान के क्षेत्र में  योगदान के लिए विशेष चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नेत्रदाताओं की स्मृति को नमन करने के साथ उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन के बाद अमरज्योति प्रज्ज्वलन से हुई। अतिथियों, डोनर परिवारों और अन्य उपस्थित लोगों ने नेत्रदाताओं की स्मृति में मौन रखकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

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एक परिवार का फैसला, किसी की जिंदगी में रोशनी

कार्यक्रम के दौरान नेत्रदाताओं के परिवारों और कॉर्निया प्राप्तकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। इन अनुभवों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि किसी प्रियजन को खोने के बाद नेत्रदान का निर्णय लेना बेहद कठिन होता है, लेकिन इसी साहस के कारण किसी दूसरे व्यक्ति को दुनिया देखने का अवसर मिल सकता है। आई बैंक के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. निकुंज ने कहा कि नेत्रदान करने वाले परिवारों का योगदान समाज के लिए प्रेरणादायी है। प्रियजन भले ही इस दुनिया में न हों, लेकिन उनके द्वारा दी गई रोशनी किसी दूसरे की आंखों के माध्यम से जीवित रहती है।

नुक्कड़ नाटक से दिया नेत्रदान का संदेश

कार्यक्रम में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि जीवन समाप्त होने के बाद भी व्यक्ति किसी अन्य के जीवन में आशा और रोशनी का माध्यम बन सकता है। इस अवसर पर डोनर परिवारों को सम्मान पत्र देकर उनके साहस, संवेदनशीलता और मानवीय सोच के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि यह सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है।

आई बैंक की 20 वर्षों की यात्रा साझा की

कार्यक्रम के दौरान आई बैंक की 20 वर्षों की यात्रा और नेत्रदान एवं कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में आए बदलावों को भी प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने नेत्रदान को मानवता, करुणा और आशा का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के सीईओ उमंग माथुर ने नेत्रदाताओं के परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नेत्रदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता और संवेदना का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने लोगों से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने नेत्रदान के संदेश को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस मौके पर आई बैंक प्रभारी राखी नथावाट, डॉ. उमंग, डॉ. निकुंज पटेल, हनी कुमार समेत अन्य आई  हॉस्पिटल  स्टाफ और  समाजसेवी , आई डोनर के परिवार के सम्मानित लोग मौजूद रहे।

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