Haryana Ring Road: खुशखबरी, हरियाणा के यमुनानगर समेत इन गांवों की बदल जाएगी तस्वीर, जल्द तैयार होगा रिंग रोड
Haryana Ring Road:खुशखबरी, हरियाणा के यमुनानगर समेत इन गांवों की बदल जाएगी तस्वीर, जल्द तैयार होगा रिंग रोड
Haryana Ring Road: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। हरियाणा में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और शहरों के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में अंबाला रिंग रोड बेहद अहम साबित होने वाला है। यह रिंग रोड क्षेत्र के पांच बड़े नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ने का काम करेगा। इसके चालू होने के बाद यमुनानगर, जगाधरी, सहारनपुर और पांवटा साहिब की ओर से आने वाले वाहनों को अंबाला शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी।
रिंग रोड के जरिए वाहन शहर के बाहर से ही अपनी दिशा के अनुसार आगे निकल सकेंगे। इससे न केवल अंबाला शहर में यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के कई प्रमुख शहरों के बीच सफर भी पहले के मुकाबले ज्यादा सुगम होने की उम्मीद है।
शहर के भीतर जाने की जरूरत नहीं |Haryana Ring Road
अंबाला रिंग रोड का सबसे बड़ा फायदा उन वाहन चालकों को मिलेगा, जिन्हें अंबाला शहर में रुकना या प्रवेश करना नहीं है। यमुनानगर, जगाधरी, सहारनपुर और पांवटा साहिब की तरफ से आने वाले वाहन रिंग रोड के रास्ते शहर को बाहर से पार करते हुए सीधे पंजाब, चंडीगढ़, कैथल और हिसार की ओर जा सकेंगे।
इससे शहर की मुख्य सड़कों पर गुजरने वाले बाहरी यातायात का दबाव कम होगा। खासकर भारी वाहनों और लंबी दूरी के ट्रैफिक को शहर के अंदर से गुजरने की मजबूरी नहीं रहेगी।
दिल्ली से यमुनानगर-सहारनपुर जाने वालों को भी फायदा
रिंग रोड का लाभ केवल हरियाणा और आसपास के वाहन चालकों को ही नहीं मिलेगा। अगर पंजाब, चंडीगढ़ या हिमाचल प्रदेश की तरफ से किसी वाहन को दिल्ली, यमुनानगर, सहारनपुर, पांवटा साहिब या आसपास के क्षेत्रों में जाना है, तो वह भी अंबाला शहर में प्रवेश किए बिना रिंग रोड के जरिए आगे बढ़ सकेगा।
यानी लंबी दूरी के यातायात के लिए अंबाला शहर को बायपास करने का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा। इससे यात्रा के दौरान समय की बचत होने के साथ-साथ ट्रैफिक जाम में फंसने की संभावना भी कम होगी।
अंबाला शामली-दिल्ली एक्सप्रेसवे से भी कनेक्टिविटी
अंबाला रिंग रोड की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इसकी कनेक्टिविटी क्षेत्र के महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे से है। यह अंबाला-शामली-दिल्ली एक्सप्रेसवे और अंबाला-कालाअंब एक्सप्रेसवे से भी जुड़ा हुआ है।
इन मार्गों के आपस में जुड़ने से अंबाला आने-जाने वाले वाहनों के लिए कई दिशाओं में वैकल्पिक रूट उपलब्ध होंगे। इससे क्षेत्रीय और लंबी दूरी के यातायात को बेहतर तरीके से वितरित किया जा सकेगा।
पांच बड़े नेशनल हाईवे एक नेटवर्क में आएंगे
अंबाला रिंग रोड को क्षेत्र के पांच बड़े नेशनल हाईवे को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। अलग-अलग दिशाओं से आने वाला ट्रैफिक रिंग रोड के माध्यम से अपने गंतव्य की ओर निकल सकेगा।
इसका सीधा असर अंबाला शहर के ट्रैफिक पर पड़ेगा। बाहरी वाहनों की संख्या कम होने से शहर के अंदर स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
व्यापार और परिवहन को भी मिलेगा फायदा
रिंग रोड से केवल आम वाहन चालकों को ही राहत नहीं मिलेगी, बल्कि माल परिवहन और कारोबार के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी तैयार होगी। लंबी दूरी के ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने के बजाय बाहरी मार्ग मिलने से माल की आवाजाही सुगम हो सकती है।
अंबाला की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह कनेक्टिविटी पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अंबाला बनेगा बड़े सड़क नेटवर्क का अहम जंक्शन
अंबाला पहले से ही उत्तर भारत के महत्वपूर्ण सड़क और परिवहन केंद्रों में शामिल है। अब रिंग रोड, एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे की बेहतर कनेक्टिविटी इसे और महत्वपूर्ण बना रही है।
कुल मिलाकर, अंबाला रिंग रोड के जरिए शहर के भीतर का ट्रैफिक घटाने, लंबी दूरी के वाहनों को वैकल्पिक रास्ता देने और दिल्ली-पंजाब-हिमाचल-हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में यह रिंग रोड अंबाला के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के सड़क नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।