पिछले साल जिले में जली थी 194 जगह पराली, इस बार जली तो अधिकारियो तक से लिया जायेगा जवाब

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कैथल सच कहूँ /कुलदीप नैन। इस बार जिले में पराली जलाने वालो के खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी है | इस बार यदि कहीं आगजनी की घटना सामने आती है तो पराली में आग लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ तुरंत एफआईआर तो दर्ज की ही जाएगी, साथ में संबंधित ग्राम सचिव, पटवारी, एसएचओ, डीडीए से लेकर एसडीएम तक से जवाब लिया जाएगा। इसीलिए पुलिस व सिविल प्रशासन के अधिकारी आपसी समन्वय से काम करें। पिछले साल जिले में 194 जगह आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। वहीं इस बार शून्य घटना के लक्ष्य पर काम किया जायेगा ।

शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में पराली प्रबंधन को लेकर आयोजित बैठक में उक्त निर्देश जारी करते हुए डीसी प्रीति ने कहा कि अगले तीन से चार दिनों में सभी अधिकारी गांवों में जाएं। विशेष रूप से उन गांवों में जाएं, जहां पिछले साल आगजनी हुई थी। यदि कहीं आगजनी की सूचना मिलती है तो तुरंत मौके पर जाकर एक्टिव फायर लोकेशन की जांच की जाए। जब पुलिस व प्रशासनिक टीमें एक साथ गांवों में जाएंगी तो निश्चित तौर पर परिणाम आएगा। इस मौके पर एसपी उपासना, सीटीएम गुरविंद्र सिंह, आरटीए गिरिश कुमार, जिप सीईओ सुरेश राविश, शुगर मिल के प्रबंध निदेशक कृष्ण कुमार, एसडीएम प्रमेश सिंह, डीएसपी वीरभान, ललित कुमार, गुरविंद्र सिंह व कुलदीप बैनिवाल, डीडीए सुरेंद्र सिंह, डीआरओ चंद्रमोहन, डीआईपीआरओ नसीबर सिंह के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

सायं के समय बढ़ी जायेगी पेट्रोलिंग

पराली जलाने की घटना मिलने पर तुरंत संबंधित व्यक्ति का चालान कर उस पर जुर्माना किए जाने, पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने व राजस्व विभाग उस व्यक्ति की अपने रिकॉड में रेड इंटरी करना सुनिश्चित करें। एसएचओ यह सुनिश्चित करें कि सायं के समय अधिक पेट्रोलिंग की जाए। जब किसी गांव में जाएं तो वहां पटवारी, ग्राम सचिव व ग्रामीण स्तर पर बनाई गई टीम को साथ लेकर लोगों को जागरूक करें। नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार अपनी टीमों के साथ सक्रिय रहें। यदि कहीं सरपंच की लापरवाही मिली तो पंचायती राज एक्ट की धारा 51 के तहत सरपंच की जवाबदेही तय की जाएगी।

किसानों को तुरंत बेलर व उनकी जरूरत की मशीनें उपलब्ध करवाएं कृषि अधिकारी

डीसी ने कहा कि कृषि उपनिदेशक सुनिश्चित करें कि जिन गांवों में आगजनी हुई थी, वहां लगातार जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। लोगों को आगजनी से होने वाले नुकसान व सरकार के निर्देशों की जानकारी दें। उन्हें पराली प्रबंधन पर दी जा रही 1200 रुपये की राशि, प्रबंधन के लिए उपलब्ध करवाई जा रही इनसीटू एवं एक्ससीटू मशीनों की जानकारी दें। साथ ही कंट्रोल रूम में आने वाली सूचनाओं के अनुसार किसानों को तुरंत बेलर व उनकी जरूरत की मशीनें उपलब्ध करवाएं, ताकि किसानों को पराली जलानी न पड़े और वे अपनी पराली का प्रबंधन कर सकें। किसान पराली प्रबंधन के लिए जो भी सहायता मांगें, उन्हें तुरंत मुहैया करवाएं।

पराली प्रबंधन संबंधी समाचार का जोड़

फिजी वायरस से नुकसान के लिए पोर्टल खुलवाने के लिए मुख्यालय लिखा जाएगा पत्र-डीसी ने बैठक में किसानों की क्षतिपूर्ति पोर्टल खुलवाए जाने की मांग पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आवश्यक कार्रवाई करें। इस संबंध में मुख्यालय स्तर पर पत्र लिखकर पोर्टल खुलवाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। किसानों से अपील है कि वे पराली न जलाएं। किसानों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

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