कलायत विधानसभा क्षेत्र से 9 आजाद प्रत्याशी बिगाड़ रहे 5 पार्टियों के समीकरण

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कलायत में 8 कोणीय हुआ मुक़ाबला | Kaithal News

  • विनोद निर्मल व सलिंदर राणा के चुनावी मैदान में उतरने से भाजपा की बढ़ी चिंता
  • सांसद जयप्रकाश की टिप्पणी के बाद आज़ाद प्रत्याशी अनीता ढुल के समर्थन में हुई पंचायत ने कांग्रेस की बढ़ाई परेशानी

कलायत (सच कहूॅं/अशोक राणा)। Kalayat News: कलायत विधानसभा क्षेत्र से आजाद प्रत्याशी राष्ट्रीय पार्टियों के गणित बिगाड़ रहे हैं। कलायत क्षेत्र से 9 आजाद व 5 अलग-अलग पार्टियों से कुल 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। बड़ी संख्या में आजाद प्रत्याशियों के आ जाने से कलायत में इस बार चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। वर्ष 2019 के चुनावो में कलायत की राजनीति भाजपा, कांग्रेस, इनेलो और जेजेपी पार्टी के इर्द-गिर्द घूम रही थी। क्षेत्र में लोगों को उम्मीद थी कि इस बार 2024 में भी मुकाबला भाजपा, कांग्रेस व इनेलो पार्टी प्रत्याशियों के बीच होगा लेकिन बागी प्रत्याशियों की संख्या बढ़ने के कारण राष्ट्रीय पार्टी का चुनावी गणित डगमगा रहा है। Kaithal News

कलायत विधानसभा क्षेत्र से अब मुकाबला 8 कोणीय होता दिखाई पड़ रहा है। जाट बाहुल्य कलायत विधानसभा क्षेत्र में बड़ी पार्टियों ने जाट चेहरों पर भरोसा जताया है। भाजपा से पूर्व राज्य मंत्री कमलेश ढांडा कांग्रेस से सांसद जयप्रकाश के पुत्र विकास सहारण, इनेलो से पूर्व संसदीय सचिव रामपाल माजरा व आम आदमी पार्टी से वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा के चुनाव मैदान में आने से जाट वोटर असमंजस की स्थिति में है। वहीं पांच आजाद जाट चेहरों के चुनाव मैदान में आने से बड़ी पार्टियों को चिंता में डाल रहे हैं।

आम आदमी पार्टी व कांग्रेस का गठबंधन टूटने का एक बड़ा कारण कलायत विधानसभा से चुनाव लड़ना | Kaithal News

अप्रैल माह में हुए लोकसभा चुनाव में गठबंधन में लड़ रहे आम आदमी पार्टी व कांग्रेस सांझे उम्मीदवार सुशील गुप्ता को कलायत विधानसभा क्षेत्र से करीब 14500 वोटो की बढ़त मिली थी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नजदीकी माने जाने वाले सांसद जयप्रकाश अपने बेटे विकाश सहारण को चुनाव मैदान में उतारना चाहते थे वही आम आदमी पार्टी वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने पार्टी उम्मीदवार की घोषणा से पहले ही कार्यालय खोल दिया और अपने पक्ष में कलायत अनाज मंडी में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की भी जनसभा करवा दी। दोनों पार्टियों में गठबंधन टूटने का एक बड़ा कारण कलायत विधानसभा क्षेत्र को भी बताया जा रहा है।

आजाद प्रत्याशी बढ़ा रहे हैं पार्टी उम्मीदवारों की परेशानी:

वर्ष 2024 के चुनाव में आजाद प्रत्याशी पार्टी उम्मीदवारों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा को पंडित, राजपूत व ओबीसी समाज का भारी समर्थन मिला लेकिन अब विधानसभा चुनाव में पंडित विनोद निर्मल, पूर्व विधायक सतविंदर राणा और सलींदर राणा के चुनावी मैदान में उतरने पर भाजपा की परेशानी बढ़ गई है। इसी प्रकार सांसद जयप्रकाश की टिप्पणी उपरांत कांग्रेस से टिकट की मांग कर रही अनीता ढुल कई गांव के लोगों द्वारा समर्थन की घोषणा किए जाने पर कांग्रेस की भी परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। इनेलो और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन के साथ इनेलो को कुछ बढ़त मिलती दिखाई पड़ रही थी लेकिन जजपा पार्टी से प्रीतम कोलेखा के चुनाव मैदान में उतरने के साथ ही चुनावी समीकरण गड़बड़ा गए हैं। Kaithal News

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