23 साल से बिछड़ा अपनों से, डेरा सच्चा सौदा के सेवादार ने करवाई घर वापसी: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से राज इन्सां ने रचा मानवता का स्वर्णिम इतिहास

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नरवाना (सच कहूँ/राहुल)। Welfare Work: कहते हैं कि जब सेवा का जज्बा दिल में हो और पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाएं साथ हों तो इंसानियत के रास्ते खुद बन जाते हैं। ऐसा ही एक भावुक कर देने वाला मामला गांव डूमरखां कला में सामने आया, जहां डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने 23 वर्षों से परिवार से बिछड़े बुजुर्ग को उनके परिजनों से मिलवाकर मानवता भलाई का जीवंत उदाहरण पेश किया।‌ 24 जनवरी 2026 को गांव डूमरखां कला के बस स्टैंड पर डेरा सच्चा सौदा एवं शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार राज इन्सां को एक बुजुर्ग व्यक्ति असहाय अवस्था में मिले। Narwana News

बातचीत करने पर उन्होंने अपना नाम ओमवीर पुत्र भगत सिंह, निवासी खेड़ा कलां, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली बताया। उस समय वे सर्दी और बुखार से पीड़ित थे। राज इन्सां उन्हें तुरंत अपने घर ले गए, दवाई, भोजन और देखभाल की व्यवस्था की। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की मानवता भलाई की शिक्षाओं पर चलते हुए राज इन्सां ने धैर्यपूर्वक बातचीत कर परिवार का सुराग जुटाया और आखिरकार उनके छोटे भाई ईश्वर सिंह से संपर्क स्थापित किया, जो बहादुरगढ़ में रह रहे हैं। सूचना मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वे तुरंत गांव डूमरखां कला पहुंचे।‌ जब 23 साल बाद दोनों भाई आमने-सामने हुए तो माहौल भावुक हो उठा। परिवारजन राज इन्सां व अन्य सेवादारों का आभार व्यक्त करते नहीं थक रहे थे। क्षेत्रवासियों ने भी इस सेवा कार्य को पूज्य गुरु जी की प्रेरणाओं का साकार रूप बताया। Narwana News

जो सरकार और दिल्ली पुलिस नहीं कर पाई, वो डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने कर दिखाया” — 23 साल बाद भाई से मिलकर भावुक हुए रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी ईश्वर सिंह

23 वर्षों से बिछड़े बड़े भाई से दोबारा मिलना ईश्वर सिंह के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। भारतीय वायुसेना से सीनियर स्टोर सुपरिटेंडेंट पद से सेवानिवृत्त ईश्वर सिंह उस समय भावुक हो उठे, जब उन्हें डेरा सच्चा सौदा के सेवादार व शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्य राज इन्सां का फोन आया कि उनके लापता बड़े भाई ओमवीर सकुशल मिल गए हैं।

ईश्वर सिंह ने बताया कि जैसे ही उन्होंने यह खबर सुनी, उनकी आंखों से खुशी के आंसू बह निकले और वे तुरंत अपने बेटे धर्मवीर के साथ गांव डूमरखा कला के लिए रवाना हो गए। 23 साल बाद जब दोनों भाई आमने-सामने हुए तो माहौल बेहद भावुक हो गया और परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि परिवार ने वर्षों तक हर संभव प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। भावुक स्वर में ईश्वर सिंह बोले, “जो काम सरकार और दिल्ली पुलिस भी नहीं कर पाई, वह डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों और शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों ने कर दिखाया।”

ईश्वर सिंह ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी पावन प्रेरणाओं की बदौलत ही सेवादार मानवता की सेवा को अपना धर्म मानते हैं। उन्होंने विशेष रूप से राज इन्सां और उनकी टीम का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उनके परिवार को जो खुशी दी है, वह जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।

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