संत रविदास जी ने अपनी रचनाओं तथा शिक्षाओं से फैलाया एकता का संदेश: चरणदास

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सात दिवसीय सामाजिक, सद्भाव एवं समरसता संदेश कार्यक्रम की शुरूआत

भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। भारत देश ऋषि मुनियों का देश है। जिन्होंने विश्व भर में भारत को एक अलग पहचान दिलाने काम किया है। ऋषि-मुनियों के त्याग, तपस्या एवं संघर्ष की बदौलत देशवासी परोपकार एवं आपसी प्रेम व सौहादर्य की भावना से अवगत हो पाए। हमें संतों के दिखाए मार्ग पर चलकर देश की उन्नति एवं तरक्की में योगदान देना चाहिए, क्योंकि सतोगुण को बढ़ाना राष्ट्र व समाजहित में बेहद कारगर है। यह बात आरएसएस नगर संघ संचालक डॉ. रवि भीष्म ने रविवार को संत शिरोमणि संत गुरु रविदास जी की 646वीं जयंती के अवसर पर स्थानीय हनुमान जोहड़ी स्थित नरसिंह भगवान मंदिर में 7 दिवसीय सामाजिक, सद्भाव एवं समरस्ता संदेश कार्यक्रम की शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक समरसता मंच के जिला संयोजक प्रेमनाथ कौशिक की देखरेख में किया जा रहा है।

महान संतों में होती है संत रविदास जी की गिनती: कौशिक

महंत चरणदास ने कहा कि संत रविदास जी ने भारत वर्ष में व्याप्त जाति प्रथा की कुरीतियों के खिलाफ क्रांतिकारी स्वर बुलंद किया व अपनी पवित्र वाणी के माध्यम से समाज में समता और बराबरी का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि सात दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रमों में विभिन्न संतों को याद किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज व राष्ट्रहित में कार्य कर सकें। इस मौके पर सामाजिक समरसता मंच के जिला संयोजक प्रेमनाथ कौशिक ने कहा कि संत रविदास जी की गिनती महान संतों में होती है। उन्होंने समाज में जातिगत भेदभाव को दूर कर सामाजिक एकता पर बल दिया तथा भक्ति भावना से पूरे समाज को एकता के सूत्र में बाधने के लिए सदैव कार्य किया।

गुरु रविदास जी ने छुआछूत के खिलाफ किया था संघर्ष: तालु

भिवानी। संत गुरु रविदास जी ने छुआछूत के विरूद्ध संघर्ष करते हुए शिक्षा पर बल दिया तथा एक शिक्षित समाज की परिकल्पना की। संत रविदास जी किसी एक समाज के नहीं, बल्कि सर्वसमाज के प्रेरणास्त्रोत है। यह बात ग्राम स्वराज्य किसान मोर्चा के जिला संयोजक जोगेंद्र तालु ने रविवार को संत गुरु रविदास जी की जयंती अवसर पर जिला के गांव तालु में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करने उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही।

तालु ने कहा कि गुरु रविदास 15वीं सदी के एक महान संत, दार्शनिक, कवि व समाज सुधारक थे और हमे ऐसे महान संत के जीवन से हमे धर्म और जाति से उपर उठकर समाज कल्याण की भावना की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज मे फैली बुराइयों, कुरूतियों को दूर करते हुए समाज को एकता के सूत्र मे बांधने का काम किया। उन्होंने कहा कि भले ही महान संत हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके द्वारा बताए उपदेश और भक्ति की भावना हमे समाज कल्याण का मार्ग दिखाते है। इस अवसर पर डॉ. विक्की, विजेंद्र तालु, कर्मवीर, सुनील, रामपाल, कृष्ण, सुनील सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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